PM मोदी ने झाड़ग्राम में खाई झालमुड़ी, लेकिन चर्चा में आ गए तेजस्वी यादव! जानिए क्या है ‘नकल’ वाला पूरा विवाद…

Ritu Raj

पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में नरेंद्र मोदी का एक अलग अंदाज देखने को मिला, जब वे सड़क किनारे एक झालमुड़ी की दुकान पर रुककर इसे खाते नजर आए। इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद इस पर सियासी बयानबाज़ी शुरू हो गई।

तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी ने इसे उनसे जोड़ते हुए दावा किया कि आम लोगों के बीच जाकर इस तरह का जुड़ाव तेजस्वी पहले से दिखाते रहे हैं, और अब प्रधानमंत्री उसी शैली को दोहरा रहे हैं। आरजेडी ने अपने ‘X’ हैंडल पर एक पुराना वीडियो साझा किया, जिसमें तेजस्वी यादव 2025 के चुनाव प्रचार के दौरान एक दुकान पर झालमुड़ी खाते दिख रहे हैं। पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा गया कि मोदी जी आखिर कब तक तेजस्वी की नकल करते रहेंगे। पार्टी ने यह भी कहा कि गमछा लहराने से लेकर हेलिकॉप्टर से रैली स्थल का वीडियो बनाने और अब झालमुड़ी खाने तक, प्रधानमंत्री लगातार तेजस्वी की शैली अपनाते दिख रहे हैं। साथ ही यह भी जोड़ा गया कि अगर कॉपी ही करनी है, तो रोजगार देने के मुद्दे पर करें। हालांकि, इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने आरजेडी के दावे का समर्थन किया, तो कई यूजर्स ने इसका विरोध भी किया।

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झाड़ग्राम में एक रैली के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह सहज अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वे अचानक एक छोटे से झालमुड़ी स्टॉल पर पहुंच गए, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। झालमुड़ी बन जाने के बाद प्रधानमंत्री ने खुद अपनी जेब से पैसे निकाले। उनके पास 50 रुपये का एक नोट, 20-20 रुपये के दो नोट और 10 रुपये का एक नोट था। उन्होंने 10 रुपये दुकानदार को देने की कोशिश की, लेकिन दुकानदार ने पैसे लेने से मना कर दिया और कहा कि उनका आना ही काफी है। इस पर प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि ऐसा नहीं चलेगा और दुकानदार से पैसे लेने का आग्रह किया। आखिरकार दुकानदार ने 10 रुपये लेकर गल्ले में रख लिए। इसी दौरान दुकानदार ने मजाक में कुछ कहा, जिस पर प्रधानमंत्री ने हल्के अंदाज में जवाब दिया, “दिमाग नहीं खाते भाई।” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी हंस पड़े।

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