सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधान सभा चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी लड़ाई है.लेकिन कई छोटी-नई पार्टियों की एंट्री से दोनों बड़े गठबंधनों का चुनावी गणित गड़बड़ हो सकता है. इंडियन इंकलाब पार्टी, आम आदमी पार्टी , विकास वंचित इंसान पार्टी, और हिंद सेना जैसी पार्टियां वोटों के विभाजन का कारण बन सकती हैं.ईन छोटे छोटे दलों ने दोनों गठबंधन की चिंता बढ़ा दी है.ये छोटे दल किसको फायदा किसको नुकशान पहुचायेगे ,अनुमान लगाना मुश्किल है.
महागठबंधन और एनडीए के लिए छोटे छोटे दल बड़ा सरदर्द साबित हो सकते हैं.लगभग आधा दर्जन छोटे-छोटे दल ताल ठोक रहे हैं. इंजीनियर आई.पी. गुप्ता इंडियन इंकलाब पार्टी के चुनावी जंग में उतरने से बीजेपी के आधार वैश्य वोट में सेंधमारी का खतरा है. इंडियन इंकलाब पार्टी, बीजेपी के लिए इसलिए खतरा बनने जा रही है, क्योंकि इस पार्टी ने पान समाज के साथ कुछ अन्य वैश्य की उप जातियों को एक छतरी के नीचे लाया है.बिहार विधान सभा चुनाव में आम आदमी पार्टी भी उतर चुकी है. आम आदमी पार्टी ने बिहार सूबे में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. पार्टी राज्य की सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारेगी. यह दीगर कि कांग्रेस ने AAP को BJP की B टीम कहा है. कांग्रेस के इस बयान ने साफ कर डाला कि AAP के चुनाव में उतरने से महागठबंधन को खतरा है.
बिहार के चुनावी जंग में एक और राजनीतिक पार्टी विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP) उतरने जा रही है. इस पार्टी के संस्थापक और कोई नहीं, बल्कि मुकेश सहमी की पार्टी के सहायक रहे प्रदीप निषाद हैं.यह पार्टी शोषितों, पीड़ितों, दलितों, महादलितों, अत्यंत पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक उत्थान के लिए समर्पित रहेगी. लेकिन इस पार्टी से विशेष खतरा वीआइपी पार्टी को है. वीआईपी के नुकशान का मतलब सीधे-सीधे महागठबंधन को नुकसान.
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले बिहार के चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे ने ‘हिंद सेना’ पार्टी बना कर चुनावी जंग में उतरने का ऐलान कर दिया है. विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी राज्य की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.चुनावी जंग में उतरी तो और भी पार्टियां हैं. राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी महागठबंधन के साथ है तो आशा यानी आप सब की पार्टी जनसुराज के साथ. ए.आई.एम. आई.एम ने भी महागठबंधन के साथ जाने का मन बना लिया है. अकेले लड़ने पर अक्सर ए.आई.एम.आई.एम को बीजेपी की बी टीम कहा जाता था. लेकिन अब ए.आई.एम.आई.एम महागठबंधन के साथ लड़ेगी तो बीजेपी को नुकसान होगा.