बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व राजस्व मंत्री और वर्तमान डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के एक बड़े फैसले को पलटते हुए 224 राजस्व कर्मचारियों की बहाली का आदेश जारी किया है।

सस्पेंशन की वापसी और बहाली;
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव, महेंद्र पाल ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच निलंबित किए गए सभी कर्मियों को तत्काल काम पर वापस लिया जाए। ये कर्मचारी पिछले ढाई महीनों से अपनी मांगों को लेकर की गई हड़ताल के कारण कार्रवाई का सामना कर रहे थे।

कार्रवाई की मुख्य वजहें;
पूर्व मंत्री विजय सिन्हा के कार्यकाल के दौरान इन कर्मचारियों और 47 अंचल अधिकारियों (CO) पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित किया गया था। सरकारी कार्यक्रमों में शामिल न होना और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करना। तय लक्ष्य के अनुसार राजस्व वसूली न कर पाना, जिससे राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर बुरा असर पड़ा। अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सुस्ती बरतना, जिसे कोर्ट के आदेशों की नाफरमानी माना गया था।
राजनीतिक मायने और बदलाव;
इस फैसले को बिहार की सत्ता के भीतर समीकरणों के बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में सरकार ने विजय सिन्हा की सुरक्षा श्रेणी को भी Z+ से घटाकर Z कर दिया था। सम्राट सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर यह संदेश भी गया है कि सरकार अब टकराव के बजाय तालमेल की नीति पर काम कर रही है।