मुंगेर डीएम का निर्देश – 30 जून तक हर हाल में पूर्ण हों सभी विभागीय कार्य, कांवर पथ पर व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
सिटी पोस्ट लाइव
110 किलोमीटर लंबी विश्व प्रसिद्ध कांवर यात्रा के आगाज में अब कुछ ही दिन शेष हैं। 11 जुलाई से प्रारंभ हो रहे ऐतिहासिक श्रावणी मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरे जोर पर हैं। यह यात्रा सुल्तानगंज (भागलपुर) से देवघर (झारखंड) तक होती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु जल लेकर बाबा बैद्यनाथधाम पहुंचते हैं।
इस विशाल यात्रा में मुंगेर जिला 26 किमी के कच्चे कांवर पथ के जरिए एक अहम भूमिका निभाता है। गुरुवार को मुंगेर जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने कमरायँ से कुमरसार तक कांवर पथ का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण, मरम्मत और साफ-सफाई से जुड़े कार्य 30 जून तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। डीएम ने शौचालय, स्नानघर, सरकारी धर्मशाला, कांवर स्टैंड समेत अन्य सुविधाओं का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने कहा कि अगर नई जरूरतें या सुझाव हों तो तत्काल भेजे जाएं ताकि समय रहते स्वीकृति दी जा सके। पूर्व में अनुमंडल पदाधिकारी राकेश रंजन कुमार की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक की गई थी, जिसमें सभी को कार्य एक सप्ताह पूर्व यानी 30 जून तक पूर्ण करने की समय-सीमा दी गई थी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने आईसीडी बांका के कार्यपालक अभियंता संजीव कुमार सिंह एवं सहायक अभियंता ललित कुमार से सफेद बालू बिछाने के कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्हें निर्देश दिया गया कि जुलाई के पहले सप्ताह तक यह कार्य भी पूर्ण कर लिया जाए। डीएम वर्मा ने दोहराया कि यदि नई योजनाओं को तत्काल स्वीकृति नहीं भी मिल पाती है, तो कम से कम पिछले वर्ष की सुविधाएं इस बार भी शत-प्रतिशत उपलब्ध कराई जाएं।
श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, यह बिहार-झारखंड की आस्था, प्रशासनिक कुशलता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।