सिटी पोस्ट लाइव : पार्टी की राष्ट्रिय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के अधिकार मिल जाने के बाद से तेजस्वी यादव अलग अंदाज में दिखाई दे रहे हैं. पार्टी में नीतीगत फैसले लेने का अधिकार मिलते ही उन्होंने कहा कि काम न करने वाले पार्टी में पद पाने की उम्मीद न करें. विधायकों को तो उन्होंने पहले ही चेतावनी दे दी है कि जिन्होंने काम नहीं किया या जो नहीं कर रहे, उनके टिकट भी काटे जा सकते हैं.
लालू यादव ने अपने समय में मुस्लिम-यादव जातियों का समीकरण बनाया था. शुरू के दिनों में इस समीकरण का असर भी दिखा. बिहार में अगर 15 साल तक लालू-राबड़ी ने राज किया तो इसके पीछे M-Y समीकरण की ताकत ही थी. पर, समय के साथ यह समीकरण अपनी आभा खोता दिख रहा था. बिहार में 2005 से बदलाव की जो बयार चली, वह 2010 तक इतनी वेगवान थी कि आरजेडी 22 सीटों पर सिमट गया. नीतीश कुमार ने 2015 में लालू से हाथ मिलाया, तब जाकर आरजेडी को पुनर्जीवन मिला.
2020 का चुनाव तेजस्वी यादव ने अपने दम पर लड़ा. 2020 के चुनाव में लालू यादव जेल में थे. चुनाव में उनकी भौतिक उपस्थिति नहीं थी. तेजस्वी ने चुनाव प्रचार के दौरान बैनर-पोस्टर से भी लालू को दूर ही रखा. तेजस्वी के पास 80 विधायकों की विरासत थी. इसलिए उन्हें खासी कामयाबी भी मिली. 75 विधायकों के साथ विधानसभा में आरजेडी सबसे बड़ा दल बन कर उभरा. अपनी इसी ताकत से तेजस्वी ने नीतीश कुमार को भी 2022 में अपने साथ कर लिया. बिहार में 17 महीने तक आरजेडी भी सत्ता में शामिल रहा. उसी समय हुए सरकार के रोजगार संबंधी फैसले को तेजस्वी अपनी उपलब्धि बताते फिर रहे हैं.
तेजस्वी ने इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी कुछ उसी अंदाज में शुरू की है. आरजेडी की लगातार बैठकें हो रही हैं. तेजस्वी यादव जिलों में जाकर अभी कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे हैं. इसके बाद महिला संवाद करने की भी उनकी योजना है. महिला संवाद उनके लिए इसलिए जरूरी है कि उन्होंने उनके लिए माई-बहिन मान योजना लागू करने का वादा किया है, जिसके तहत हर पात्र महिला को हर महीने 2500 रुपए दिए जाएंगे. उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड में महिलाओं को आर्थिक लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं का चुनावी लाभ पार्टियों को मिला, वैसा ही लाभ बिहार में भी आरजेडी को जरूर मिलेगा.
तेजस्वी ने M-Y समीकरण का मायने बदल दिया है. उनके पिता लालू यादव के M-Y समीकरण का अर्थ मुस्लिम-यादव था. तेजस्वी ने नाम तो यही रखा है, लेकिन कंबिनेशन बदल दिए हैं. तेजस्वी के M-Y का मतलब अब महिला और यूथ है. उन्होंने इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान MYK (मुस्लिम-यादव-कुशवाहा) समीकरण भी बनाया था. उससे भी पहले तेजस्वी का BAAP (बैकवर्ड, अगड़े, आधी आबादी, पूअर) समीकरण सामने आया था. आरजेडी को A टू Z की पार्टी बनाने का संदेश भी तेजस्वी पहले दे चुके हैं, लेकिन अब वो इसे छोड़ आगे बढ़ गए हैं. उत्तर प्रदेश में PDA बना कर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में कमाल कर दिया था. तेजस्वी भी उनकी ही तरह एक ऐसे समीकरण की तैयारी में हैं, जो चुनाव में चमत्कार कर दे.