सिटी पोस्ट लाइव :बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बड़े बटे तेजप्रताप यादव के नाम पर बिजली बिल का एक मामला सामने आया है. पटना के बेऊर इलाके में तेज प्रताप के निजी आवास का बिजली कनेक्शन पिछले 3 साल से बकाया राशि के बावजूद चालू है. बिजली विभाग के मुताबिक यह राशि 3 लाख 56 हजार रुपये से अधिक है, जो 2022 में आखिरी भुगतान के बाद जमा नहीं हुई है.
तेज प्रताप यादव का यह आवास बेऊर के पॉश इलाके में है. जहां बिजली कनेक्शन घरेलू श्रेणी का है. बिजाली विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जुलाई 2022 में आखिरी बार बिल जमा किया गया था. उसके बाद मासिक बिलों की अनदेखी से बकाया चक्रवृद्धि ब्याज के साथ यह बढ़ता चला गया. जानकारी के अनुसार तेज प्रताप के आवास का औसतन मासिक खपत 500 यूनिट है.बिजली विभाग के अनुसार तेज प्रताप यादव का यह कनेक्शन 2018 से सक्रिय है, लेकिन 2022 के बाद कोई भुगतान जमा नहीं कराया गया. ऐसे में इसका बिल 3 लाख 56 हजार रुपये हो गया.
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बिहार बिजली विभाग के सख्त नियम कहते हैं कि 25 हजार रुपये से अधिक बकाया होने पर 7 दिनों का नोटिस देकर कनेक्शन काट दिया जाता है. राज्य में हर साल लाखों आम उपभोक्ताओं के कनेक्शन ऐसे ही कटते हैं, लेकिन तेजप्रताप के मामले में ऐसा नहीं किया गया है. हालांकि जानकारी के अनुसार राजनीतिक दबाव या फाइलों में देरी इसका कारण हो सकता है. हालांकि VIP मामलों में कार्रवाई धीमी होने का आरोप है.
तेज प्रताप यादव के यहां 3 लाख 56 हजार रुपये बिजली बिल होने की यह घटना बिजली वसूली अभियान की पोल खोल रही है. जहां 2025 में 5 हजार करोड़ का बकाया लंबित है.वहीं, बिजली विभाग ने लाखों रुपये के बिजली बिल होने की जानकारी पर तुरंत नोटिस जारी करने का फैसला लिया है. जहां अगले 15 दिनों में तेजप्रताप यादव को 3.56 लाख रुपये चुकाने या किस्तों में भुगतान का मौका मिलेगा. ऐसा न करने पर उनका कनेक्शन कट सकता है.बिजली विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बिजली बिल नहीं जमा करने पर विभाग कानूनी कार्रवाई करेगा. हालांकि इस पूरे मामले में तेज प्रताप यादव की तरफ से अभी कोई प्रक्रिया नहीं आई है.