प्रशांत किशोर समेत 2000 कार्यकर्ताओं पर FIR,सिटी SP बोलीं- वीडियो से सभी की हो रही पहचान.

City Post Live

, जन सुराज के विधानसभा मार्च में हुआ था बवाल

सिटी पोस्ट लाइव :जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर (पीके) के नेतृत्व में हुए विधानसभा मार्च को लेकर भारी बवाल हुआ, जिसके बाद पटना के सचिवालय थाना में पीके समेत 2000 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.इसमें 300 लोग प्रशांत किशोर के करीबी हैं. एफआईआर में पीके के साथ जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं.आरोप है कि जन सुराज के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पुलिस के साथ झड़प की, शांति व्यवस्था भंग की और नियमों का उल्लंघन किया.

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सिटी एसपी दीक्षा के अनुसार कल के प्रदर्शन में शामिल 2000 अज्ञात लोगों पर और 9 ज्ञात लोगों पर FIR किया गया है. सभी लोगों की वीडियो से पहचान करवाई जा रही है.सरकारी काम में बाधा की धाराएं लगाई गई हैं। जबरदस्ती उनलोगों ने प्रतिबंधित इलाका में घुसे उनलोगों को मना भी किया गया था लेकिन नहीं माने.बुधवार को जन सुराज द्वारा राज्यभर से जुटे हजारों समर्थकों के साथ विधानसभा मार्च का आयोजन किया गया था. पीके की अगुआई में निकले इस मार्च की घोषणा पहले से की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों को तीन डिसमिल जमीन, 94 लाख परिवारों को दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि और जमीन सर्वे में भ्रष्टाचार को खत्म करने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाना था.

जैसे ही जन सुराज का काफिला विधानसभा की ओर बढ़ा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और झड़प हुई. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिससे कार्यकर्ताओं में भगदड़ मच गई और कई लोग घायल भी हो गए.लाठीचार्ज के बाद पीके ने पुलिस प्रशासन पर बयान देते हुए उन्होंने कहा कि, “हम पर लाठियां बरसाई गईं लेकिन हम डरने वाले नहीं. हमने पहले ही विधानसभा मार्च की घोषणा कर दी थी.सरकार जनता की आवाज दबाना चाहती है लेकिन हम डटे रहेंगे. हम नीतीश कुमार के घर में घुस के उनको घेरेंगे. ये तो बस शुरुआत है. गरीबों के हक के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी और अगली बार और भी बड़े स्तर पर विरोध होगा.

पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई है और अब संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है. धारा 144 के उल्लंघन, सरकारी कार्य में बाधा, और शांतिभंग के आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.

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