बिहार विधानसभा में अपराध पर ‘घमासान’: सूर्या डॉन के एनकाउंटर को विपक्ष ने बताया पक्षपात, ‘जाति’ को लेकर सरकार को घेरा

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने राज्य की चरमराती कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और हालिया पुलिस एनकाउंटरों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सदन के भीतर और बाहर विपक्षी विधायकों ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है और चुनिंदा तरीके से की जा रही है।

सदन में महिलाओं की सुरक्षा पर हंगामा
सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, राजद (RJD) और वामपंथी दलों के विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का मुख्य आरोप था कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और दिन-दहाड़े हत्या व लूट की घटनाएं हो रही हैं। विधायकों ने सरकार से सुरक्षा के मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

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सूर्या डॉन एनकाउंटर पर भाई वीरेंद्र के तीखे बोल
पटना के गायघाट में कुख्यात अपराधी सूर्या डॉन के एनकाउंटर को लेकर राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा, “अपराध की डीलिंग मोकामा, बाढ़ और नालंदा से हो रही है। सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और उन्हें पुलिस सुरक्षा (गनर) तक मुहैया कराई जा रही है।”

भाई वीरेंद्र ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल एक जाति विशेष को निशाना बनाना गलत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हत्या ‘राम’ कर रहा है और फंसाया ‘रहीम’ को जा रहा है।” उनका स्पष्ट संकेत था कि पुलिस वास्तविक अपराधियों को छोड़कर राजनीतिक द्वेष के कारण कार्रवाई कर रही है।

CPM विधायक ने भी उठाए जातिगत भेदभाव के सवाल
विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए सीपीएम (CPM) विधायक अजय कुमार ने भी जातिवाद के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार में जाति की जड़ें बहुत गहरी हैं और अपराधियों को भी जाति के आधार पर संरक्षण मिलता है। अजय कुमार ने कहा, “अपराध किसी एक धर्म या जाति (यादव या मुस्लिम) तक सीमित नहीं है। अपराधी हर जाति में हैं, लेकिन सरकार को उनके बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए। इस तरह की एकतरफा कार्रवाई से समाज में गलत संदेश जा रहा है।”

क्या था मामला?
गौरतलब है कि बुधवार सुबह पटना के गायघाट इलाके में एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। पुलिस की जवाबी फायरिंग में सूर्या के पैर में गोली लगी है। पुलिस का दावा है कि सूर्या डॉन पर लूट, डकैती और रंगदारी के 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं और वह नाविकों से वसूली कर रहा था।

विपक्ष के इन आरोपों के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। फिलहाल, सदन में अपराध के मुद्दे पर जारी गतिरोध कम होता नहीं दिख रहा है।

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