सिटी पोस्ट लाइव : देश के मशहूर गायक उदित नारायण बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर लेने का आरोप लगा है.आरोप है कि उन्होंने पहली पत्नी रंजना झा को पत्नी का दर्जा नहीं दिया. उदित नारायण की पहली शादी 1984 में बिहार की रंजना झा से हुई थी. उस समय उदित नारायण का इतना बड़ा नाम नहीं था. बाद में मुंबई जाकर उन्होंने नेपाल की सिंगर दीपा गहतराज से शादी कर ली. रंजना झा का कहना है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती हैं और उम्र व स्वास्थ्य को देखते हुए यह जरूरी भी है. अब वो अपने मानवाधिकार के लिए आयोग की शरण में पहुँच गई हैं.
मानवाधिकार मामलों के वकील एस. के. झा ने इस मामले को लेकर बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल की है. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार, बिना तलाक लिए दूसरी शादी करना गैरकानूनी है. हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत ऐसी शादी को शून्य और गैरकानूनी माना जाना चाहिए.वकील एस. के. झा ने बताया कि उदित नारायण ने पहले अपनी शादी को नकारा था, लेकिन जब रंजना झा ने शादी के फोटो और अन्य सबूत पेश किए, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पहली शादी हुई थी. अब तक रंजना झा को पत्नी का दर्जा नहीं दिया गया है और उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.
वकील ने राष्ट्रीय और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग से मांग की है कि रंजना झा को उनके सभी मानवाधिकार दिलाए जाएं और दूसरी शादी को शून्य और गैरकानूनी घोषित किया जाए. वकील ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह कितना भी बड़ा सेलिब्रिटी क्यों न हो. कानून का पालन सभी को करना चाहिए. वकील ने कहा कि कानून में साफ कहा गया है कि जब तक पहली पत्नी से तलाक नहीं होता, दूसरी शादी नहीं हो सकती. यह नियम पति और पत्नी दोनों पर लागू होता है. अगर कोई ऐसा करता है, तो दूसरी शादी शून्य मानी जाएगी. उदित नारायण के लिए अलग से कानून नहीं बन सकता.