बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए पूरे प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। 16 जनवरी से शुरू हुई यह यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर है। खास बात यह है कि इस बार नीतीश कुमार एक मुख्यमंत्री के साथ-साथ राज्यसभा के निर्वाचित सांसद के तौर पर जनता के बीच जा रहे हैं।
यात्रा का अब तक का सफर;
नीतीश कुमार अब तक बिहार के लगभग तीन-चौथाई हिस्से का दौरा कर चुके हैं। पहले चरण में उन्होंने पश्चिम चंपारण से यात्रा की शुरुआत करते हुए तिरहुत और सारण प्रमंडल का दौरा किया। दूसरे चरण में मिथिलांचल के जिलों को कवर किया गया, जबकि तीसरे चरण में कोसी-सीमांचल और शेखपुरा समेत 10 जिलों की यात्रा पूरी की गई। वर्तमान में चल रहे चौथे चरण के तहत वे भागलपुर, बांका, जमुई और गयाजी समेत 8 जिलों का दौरा कर रहे हैं, जो 20 मार्च तक जारी रहेगा। इसके बाद 30 मार्च तक नालंदा, पटना और शाहाबाद क्षेत्र के जिलों के साथ इस यात्रा के समाप्त होने की संभावना है।
भाषणों में काम का हिसाब, पर ‘विदाई’ पर चुप्पी;
यात्रा के दौरान नीतीश कुमार का अंदाज पुराना ही नजर आया, जहां उन्होंने अपने भाषणों में अपनी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का विस्तार से ब्योरा दिया। और लालू यादव और ‘परिवारवाद’ पर जमकर निशाना साधा। तथा बिहार के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की। वहीं, ‘विदाई’ के मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी।
सम्राट चौधरी: क्या मिल गया ‘उत्तराधिकारी’?
सहरसा की सभा में एक दिलचस्प वाकया हुआ। नीतीश कुमार ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर जनता से संवाद किया। राजनीतिक गलियारों में इसे एक बड़े ‘मैसेज’ के तौर पर देखा जा रहा है कि शायद सम्राट चौधरी ही उनके उत्तराधिकारी होंगे। हालांकि, जानकार इसे महज एक राजनीतिक शिष्टाचार (Posturing) भी मान रहे हैं।
भावुक हुए समर्थक और सहयोगियों का आश्वासन;
तीसरे चरण की यात्रा के दौरान जदयू और भाजपा नेताओं के बीच अलग-अलग भावनाएं साफ तौर पर देखने को मिलीं। जदयू की ओर से मंत्री विजय चौधरी, लेसी सिंह और विधायक दिव्यंती देवी मंच पर ही भावुक हो गए और उन्होंने नीतीश कुमार के जाने की तुलना ‘राम के अयोध्या छोड़ने’ से कर दी। वहीं भाजपा का रुख संतुलित और आश्वस्त करने वाला रहा, जहां सम्राट चौधरी समेत अन्य नेताओं ने लगातार यह भरोसा दिलाया कि बिहार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही आगे बढ़ेगा और अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला भी वही करेंगे।