सिटी पोस्ट लाइव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान से यू-टर्न ले लिया है. भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर कराने का दावा करनेवाले ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव में भले ही मध्यस्थता न की हो, लेकिन इसमें उन्होंने मदद का थी.ट्रंप ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि वह सीधे तौर पर यह नहीं कहना चाहते कि उन्होंने मध्यस्थता की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कतर के दोहा से यह बात कही है.
कतर के दोहा में ट्रंप ने अपने एक भाषण में कहा ‘मैं यह नहीं कहना चाहता कि मैंने ऐसा किया, लेकिन मैंने पिछले सप्ताह पाकिस्तान और भारत के बीच समस्या को सुलझाने में निश्चित रूप से मदद की, जो अधिक से अधिक शत्रुतापूर्ण होती जा रही थी, और अचानक, आप एक अलग प्रकार की मिसाइलों को देखना शुरू कर देंगे, और हमने इसे सुलझा लिया. मुझे उम्मीद है कि मैं यहां से बाहर नहीं निकालूंगा और दो दिन बाद पता चलेगा कि यह सुलझा नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सुलझा है, और हमने उनसे व्यापार के बारे में बात की. चलो व्यापार करते हैं, और पाकिस्तान इससे बहुत खुश था, और भारत इससे बहुत खुश था, और मुझे लगता है कि वे रास्ते पर हैं.”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा “वे लगभग 1000 सालों से पूरी ईमानदारी से लड़ रहे हैं. इसलिए मैंने कहा आप जानते हैं मैं इसे सुलझा सकता हूं. मैं इसे सुलझा सकता हूं; मुझे इसे सुलझाने दो, और चलो उन सभी को एक साथ लाते हैं. आप लगभग 1000 सालों से कितने समय से लड़ रहे हैं? मुझे सुलझाने के बारे में निश्चित नहीं है. यह एक कठिन काम है एक. वे लंबे समय से लड़ रहे हैं. यह वास्तव में नियंत्रण से बाहर होने जा रहा था.”
भारत और पाकिस्तान ने 10 मई को युद्ध विराम की घोषणा की थी. इसकी जानकारी सबसे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी. अपने ट्वीट में ट्रंप ने कहा था ‘मैं यह घोषणा करते हुए काफी खुशी महसूस कर रहा हूं कि भारत और पाकिस्तान ने पूर्ण और तत्काल संघर्ष विराम पर सहमति जताई है. दोनों देशों को सामान्य समझदारी और श्रेष्ठ बुद्धिमत्ता का परिचय देने के लिए बधाई.’