राहुल का एक एसपीजी कमांडो रैली के बीच एक युवक की पल्सर बाइक लेकर फरार.

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सिटी पोस्ट लाइव :1990 से 2005 तक लालू और राबड़ी के शासन को जंगलराज के नाम से जाना जाता है. यह वह दौर था जब अपराध, भ्रष्टाचार और माफिया तंत्र की छवि ने बिहार को बदनाम किया था. लालू यादव पर माफिया और बाहुबलियों को संरक्षण देने के आरोप लगे थे. पटना का शो रूम कांड उस दौर की अराजकता का एक उदाहरण बन गया जब सत्ता के दम पर नियम-कानून की धज्जियां उड़ाई गईं थीं. अब दरभंगा की ताजा घटना ने पुरानी यादों को ताजा कर दिया है.

राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान 30 अगस्त 2025 को दरभंगा में एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया. दावा है कि राहुल की सुरक्षा में तैनात एक एसपीजी कमांडो ने रैली के बीच एक युवक की पल्सर बाइक ले ली और बिना वापस किए फरार हो गया. बाइक मालिक और उसका परिवार स्थानीय पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन बाइक का कोई अता-पता नहीं है. बाइक मालिक और उसका परिवार स्थानीय पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन बाइक का कोई अता-पता नहीं है. खास बात यह है कि घटना उस समय की है जब राहुल गांधी की रैली में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा लगाए जा रहे थे. इस घटना को लोग अब बिहार के इतिहास की घटना से जोड़ने लगे हैं जब वर्ष 2002 में राजदानी पटना में एक कुख्यात वाकया हुआ था. यह घटना बिहार में ‘पटना का शो रूम कांड’ के नाम से चर्चित रहा था और आज भी जब ‘लालू यादव के जंगलराज’ को लेकर सियासी हमले होते हैं तो विरोधी दल इस घटना की याद दिलाना नहीं भूलते.

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यह वाकया लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की शादी से जुड़ी हुई है. घटना 2002 की है और तब पटना के शो रूम से करीब 50 नई-अनरजिस्टर्ड कारें कथित तौर पर उठा ली गई थीं. उस समय राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री थीं और लालू का प्रभाव चरम पर था. आरोप लगे थे कि तब लालू यादव के करीबी लोग शादी के मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए शो रूम से गाड़ियां जबरन ले गए थे. यह घटना पटना के कारोबारियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था. बताया जाता है कि लालू के करीबियों ने बिना किसी औपचारिक अनुमति के शो रूम से नई गाड़ियां जबरन ले ली थीं. इन गाड़ियों का इस्तेमाल शादी में मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए किया गया. तब लालू यादव का कार्यकाल था और उनकी पार्टी के लोगों का दहशत आम लोगों में इतना था कि रसूखदार कारोबारियों, कार डीलरों ने भी डर के मारे आवाज नहीं उठाई.

वर्ष 2002 की बात है तब पटना में लालू यादव और रबड़ी देवी की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य की शादी थी. इसी दौरान पटना के कई शो रूमों से लगभग 45 नई गाड़ियां जबरदस्ती उठाकर ले जाए गए थे. खास बात यह कि जो गाड़ियां लूटी गईं वे कई वापस नहीं लौटीं. तब आरोप लगे थे कि शादी के ठीक पहले लालू यादव के साले सुभाष यादव के समर्थकों ने पटना के कई कार डीलरशॉप- मिथिला मोटर्स (Mithila Motors), कार्लो ऑटोमोबाइल्स (Karlo Automobiles), देवू (Daewoo), गिन्नी मोटर्स (Guinea Motors) और अन्य शोरूम से कुल मिलाकर लगभग 45 नई, प्रीमियम गाड़ियां जबरदस्ती उठाई गईं. विरोध करने वाले दुकान मालिकों को धमकाया गया, उनकी खिड़कियों को तोड़ा गया.

टेलको (TELCO) के दीदारगंज स्टॉकयार्ड से दो टाटा सफारी (Tata Safari) और तीन टाटा सूमो (Tata Sumo) भी ले जाए गए.इतना ही नहीं उनके ड्राइवर और पेट्रोल-डीजल की व्यवस्था भी कुछ पुलिस वालों ने की. गाड़ियों के अतिरिक्त फर्नीचर, 100 से अधिक सोफा सेट, रेमंड (Raymond) की ड्रेसें और सूखे मेवे भी जबरदस्ती ले गए गए ते. संदेश स्पष्ट था कि मुख्यमंत्री परिवार का कार्यक्रम हो रहा है-कारोबारियों को योगदान देना ही चाहिए. जाहिर है इस घटना ने बिहार की कानून व्यवस्था (Bihar Law‑and‑Order) स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.

बीजेपी का कहना है कि, यह वही जंगलराज की मानसिकता है, जिसे महागठबंधन फिर से लाना चाहता है. दूसरी ओर, आरजेडी ने इसे महागठबंधन के खिलाफ साजिश करार देते हुए कहा, बीजेपी ऐसी अफवाहें फैलाकर वोटर अधिकार यात्रा को बदनाम करना चाहती है. इस बीच, बाइक मालिक की तलाश जारी है और सियासी बयानबाजी भी. जबकि, दरभंगा की जनता इस घटना से हैरान है और कई लोग इसे लालू के दौर की अराजकता से जोड़ रहे हैं. सोशल मीडिया पर इस घटना ने तूल पकड़ लिया है और लोग इसे जंगलराज की वापसी का प्रतीक बता रहे हैं. बता दें कि 2002 का शो रूम कांड आज भी बिहार में लालू यादव के शासनकाल पर एक काला धब्बा है जो सत्ता के दुरुपयोग की मिसाल देता है. अब यह घटना राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में इस तरह का वाकया होना महागठबंधन के लिए एक झटका कहा जा रहा है.

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