‘सम्राट के बुलडोजर से बेख़ौफ़ हैं अपराधी , 10 दिनों में 45 मर्डर, पटना में गोलियों से भूना….

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव :गृह मंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में सुशासन है. ‎‎अपराध करने वालों को बिहार से‎ जाना होगा. कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी.लेकिन आंकड़े इसके उलट हैं.सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद के 10 दिनों में राज्यभर में 45 मर्डर हुए हैं. अब सबके जेहन में सवाल उठ रहा है कि क्या सम्राट का बुलडोजर अपराधियों में खौफ पैदा नहीं कर पा रहा है?

सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद यूपी मॉडल की तरह क्राइम खत्म करने का दावा किया जा रहा था.सम्राट का बुलडोजर एक्शन चर्चा में है.लेकिन सच्चाई ये है कि राज्य में हत्या और रेप जैसी जघन्य घटनाएं रुक नहीं रहीं.हमने 20 नवंबर से लेकर अभीतक करीब 42 हत्याएं हुईं हैं. इसमें कुछ हीनियस क्राइम (जैसे- रेप कर मर्डर, सिर कुचल कर मार देना, भाई-बहन की हत्या, सिर से धड़ अलग करना) भी शामिल हैं.

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सिवान में एक लड़की गायब हो गई .काफी खोजबीन के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चला. परिजन पचरुखी थाना पहुंचे, बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. पुलिसकर्मियों ने यह कहकर लौटा दिया कि ‘जवान लड़की है, किसी लड़के के साथ चली गई होगी, इंतजार करिए, खुद लौट आएगी.’ अगली सुबह युवती का शव अर्धनग्न स्थिति में मिला.

20 नवंबर को दरभंगा में लव अफेयर में 26 साल के गोलू की हत्या की खबर आई. वह 15 नवंबर से लापता था. 20 नवंबर को उसका धड़ कमला बलान नदी के किनारे बालू में दबा मिला. गोलू समस्तीपुर-दरभंगा बॉर्डर के किशनपुर बैकुंठ गांव का रहने वाला था. वह हायाघाट के चकवा भरवाड़ी गांव में पोल्ट्री फॉर्म चलाता था.

25 नवंबर को कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर में 10 साल की शिवानी और 12 साल के सुधीर की लाश मिली. दोनों को फंदे से लटकाया गया था. मृतक बच्चों के पिता ने गांव के दबंगों पर नलकूप से पानी पीने के चलते दोनों की हत्या करने के आरोप लगाए.

25 नवंबर को पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र के डोमनचक इलाके में कारोबारी अशरफी राय की हत्या की गई. दो अपराधियों ने उन्हें गोलियों से भून दिया. भीड़ ने दोनों अपराधियों को पकड़ लिया और पीटकर मार डाला. दोनों सुपारी किलर थे.हत्या प्रॉपर्टी विवाद में हुई. अशरफी राय के परिजनों ने अपने गोतिया (पट्टीदार) पर हत्या कराने की साजिश रचने और कराने का आरोप लगाया है.

27 नवंबर को गया में प्रेम प्रसंग के विवाद में 18 साल के संजय कुमार को हाथ-पैर बांधकर कनपटी और गर्दन में गोली मारी गई. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. संजय टिकारी ब्लॉक के काजिबीगहा गांव का रहने वाला था.ये 5 घटनाएं तो सिर्फ बानगी हैं. कोई ऐसा दिन बिरले ही बीतता है जब हत्या, रेप और लूट जैसी घटनाओं की खबरें नहीं आतीं.

अक्सर देखा गया है कि बिहार में विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद अपराध का ग्राफ बढ़ जाता है. 2020 में भी ऐसा हुआ था. बाद में प्रशासन ने कंट्रोल कर लिया था.चुनाव के दौरान चुनाव आयोग का प्रशासन पर हस्तक्षेप रहता है. उस दौरान सब कंट्रोल में रहता है. बाद में जब नई सरकार आती है तो क्राइम बढ़ता है. सरकार को इसपर ध्यान देने की जरूरत है कि यह कंट्रोल हो जाए.

अपराधियों के खिलाफ कारवाई की बजाय बीजेपी के नेता सफाई दे रहे हैं., ‘बिहार में अब ऑर्गनाइज क्राइम नहीं हो रहे हैं. अगर कोई अपराध हो रहा है तो उसपर सरकार की पैनी नजर है. कोई भी अपराधी अपराध करके खुलेआम नहीं घूम सकता. या तो उसे जेल में जाना होगा या नेपाल भागना होगा. नहीं तो, गया में पिंडदान होगा, यह नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की सरकार है.

कांग्रेस के अनुसार डबल इंजन की सरकार में अपराध चरम पर है. क्राइम का ग्राफ दिन पर दिन ऊपर चढ़ता जा रहा है. लॉ एंड ऑर्डर डिसॉर्डर हो गया है. बिहार की जनता इस सरकार के आने से असहज और अनसेफ महसूस कर रही है.जाहिर है अपराध को लेकर विपक्ष विधान सभा के सत्र में बवाल करेगा.

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