बिहार विधानसभा में सर्पदंश (सांप के काटने) से होने वाली मौतों पर मुआवजे की मांग को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए मांग की कि सर्पदंश से जान गंवाने वालों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
दरअसल, भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने सदन में यह मुद्दा उठाते हुए मांग की कि सर्पदंश से जान गंवाने वालों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने अपने तर्क में कहा कि जिस तरह शेर, बाघ, हाथी और मगरमच्छ जैसे जंगली जानवरों के हमले में मौत होने पर 10 लाख रुपये की सहायता राशि मिलती है, सर्पदंश को भी उसी श्रेणी में रखा जाए। सांप भी जंगली जीवों का हिस्सा हैं, इसलिए उनके मामले में भेदभाव नहीं होना चाहिए।
सरकार का रुख;
सरकार की ओर से मंत्री प्रमोद चन्द्रवंशी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान नियमों के तहत सर्पदंश के लिए इस तरह के मुआवजे का कोई प्रावधान मौजूद नहीं है।
सदन में भारी हंगामा और गतिरोध;
मुद्दे को लेकर विपक्ष का रुख काफी आक्रामक रहा, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। विपक्ष के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे और पोस्टर लहराए। स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर प्रेम कुमार ने मार्शलों को निर्देश दिया कि वे सदस्यों के हाथों से पोस्टर छीन लें। संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष की मंशा केवल सदन की कार्यवाही को बाधित करना है।