बिहार से 2 करोड़ युवाओं का पलायन, कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार को घेरा

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

सीतामढ़ी। कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा आयोजित “पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा” गुरुवार को पूर्वी चंपारण से होते हुए सीतामढ़ी पहुंची। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कन्हैया कुमार ने बेरोजगारी और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए मखाना पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया।

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कन्हैया ने कहा कि उनकी यात्रा में कई ऐसे युवा शामिल हैं, जिनका शारीरिक परीक्षण, मेडिकल जांच और रिजल्ट पूरा हो चुका है, फिर भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि बिहार में बेरोजगारी अपने चरम पर है और सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

बिहार में रोजगार की स्थिति चिंताजनक: कन्हैया

कन्हैया कुमार ने हाल ही में जारी कैब रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और राज्य में विकास के नाम पर सिर्फ दिखावे की राजनीति हो रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा का स्तर सुधर रहा है, लेकिन रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे।

उन्होंने कास्ट सर्वेक्षण रिपोर्ट के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि बिहार में 60% लोग ग्रेजुएट हैं, फिर भी बेरोजगारी के कारण 2 करोड़ युवा राज्य छोड़कर पलायन कर चुके हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर बिहार की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार को बार-बार पैकेज देने की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन इसका लाभ राज्य को नहीं मिल पाता।

केंद्र सरकार पर विपक्ष का आरोप

कन्हैया ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि ये सभी नेता बिहार को सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यहां के युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को राज्य में नए उद्योग स्थापित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षा ग्रहण करने के बाद भी युवाओं को अपने ही राज्य में नौकरी नहीं मिल पा रही, जिससे वे मजबूरी में दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों में काम करने के लिए पलायन कर रहे हैं।

बिहार के विकास के लिए ठोस नीति की मांग

कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि राज्य में नए उद्योगों की स्थापना की जाए, सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाए और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि बिहार में विकास के ठोस प्रयास नहीं किए गए तो बेरोजगारी और पलायन की समस्या और भी गंभीर हो जाएगी।

यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष, स्थानीय विधायक और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी हिस्सा लिया और बिहार में रोजगार के मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग की।

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