उत्तराखंड की मंत्री के पति पर 10 लाख का इनाम, लड़कियों के अपमान के सवाल पर बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने जोड़े हाथ…

Ritu Raj

उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर सियासी बवाल तेज हो गया है। बिहार में इस बयान के खिलाफ इनाम तक घोषित कर दिया गया है। सहरसा से इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) के विधायक आईपी गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ऐलान किया कि बिहार की महिलाओं पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले उत्तराखंड के नेता को पकड़कर लाने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

दरअसल, इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल के नेता कंचन यादव ने भी बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मां को गाली देने के मामले में बीजेपी ने पूरे बिहार को बंद करा दिया था, लेकिन जब उत्तराखंड में बीजेपी के एक नेता और मंत्री के पति बिहार की महिलाओं को 20–25 हजार रुपये में खरीदने जैसी बात करते हैं, तो पार्टी के नेता खामोशी ओढ़ लेते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब एक पत्रकार ने इस मामले में बिहार बीजेपी अध्यक्ष से सवाल किया, तो वे मुस्कुराते हुए बिना जवाब दिए वहां से निकल गए। वहीं, गिरधारी लाल साहू के बयान के खिलाफ उत्तराखंड में भी विरोध तेज हो गया है। देहरादून और अल्मोड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। देहरादून में महिला कांग्रेस ने मंत्री के आवास का घेराव करने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान नारेबाजी, पुतला दहन और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया गया।

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हालांकि, गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे यह कहते सुने जा रहे हैं कि बिहार में लड़कियां 20–25 हजार रुपये में मिल जाती हैं। यह वीडियो अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां वे बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। वीडियो में वे कुछ युवकों पर शादी न होने को लेकर तंज कसते हुए कहते हैं—“चलो हमारे साथ, तुम्हारी शादी करवा देंगे।” वहीं, इस पूरे मामले को लेकर आरजेडी ने मंत्री के पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं बिहार बीजेपी के कुछ नेताओं ने भी बयान पर नाराजगी जताई है। पार्टी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने इस टिप्पणी को अशोभनीय बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई, जबकि जदयू ने भी बयान को गलत और निंदनीय करार दिया है। उधर, बिहार राज्य महिला आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा कि मंत्री के पति को नोटिस भेजकर उनसे जवाब तलब किया जाएगा। विवाद गहराने के बाद गिरधारी लाल साहू ने अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली है।

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