बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राजनीतिक सरगर्मी बढ़ते ही AIMIM ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी के बिहार अध्यक्ष अख्तरुल ईमान को अमौर सीट से फिर से चुनाव मैदान में उतारा गया है, जहां उन्होंने 2020 में जीत दर्ज की थी। कुल 24 उम्मीदवारों के साथ पार्टी इस बार भी अपनी मौजूदगी और प्रभाव को मजबूत करने की तैयारी में है।

AIMIM की पहली बिहार उम्मीदवार सूची में कुल 24 नाम शामिल हैं, जिनमें अधिकांश उम्मीदवार सीमांचल क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। पार्टी ने इस बार स्थानीय नेताओं और पेशेवर पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी है, ताकि हर क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति दर्ज की जा सके। सूची के प्रमुख नामों में बलरामपुर (सीट 65) से आदिल हसन एडवोकेट, ढाका (सीट 21) से राणा रणजीत सिंह, नरकटिया (सीट 12) से शमीमुल हक, गोपालगंज (सीट 101) से अनस सलाम, जोकीहाट (सीट 50) से मुर्शिद आलम, बहादुरगंज (सीट 52) से तौसीफ आलम, ठाकुरगंज (सीट 53) से गुलाम हसनैन और किशनगंज (सीट 54) से एडवोकेट शम्स आगाज शामिल हैं। हालांकि, इसके अलावा बैसी (सीट 57) से गुलाम सरवर, शेरघाटी (सीट 226) से शान-ए-अली खान, नाथ नगर (सीट 158) से मोहम्मद इस्माईल अंसारी, सीवान (सीट 105) से मोहम्मद कैफ, केवटी (सीट 86) से अनीसुर रहमान, जाले (सीट 87) से फैसल रहमान, सिकंदरा (सीट 240) से मनोज कुमार दास, मुंगेर (सीट 165) से डॉ. मुनाजिर हसन, नवादा (सीट 237) से नसीमा खातून, मधुबनी (सीट 36) से राशिद खलील अंसारी, दरभंगा ग्रामीण (सीट 82) से मोहम्मद जलाल, गोराबोराम (सीट 79) से अख्तर शहंशाह, कस्बा (सीट 58) से शाहनवाज आलम, कोचाधामन (सीट 55) से सरवर आलम, अररिया (सीट 49) से मोहम्मद मंजूर आलम और बरारी (सीट 68) से मो. मतीउर रहमान शेरशाहबादी के नाम शामिल हैं। AIMIM का यह कदम यह संकेत देता है कि पार्टी बिहार में अपनी पहचान और प्रभाव को और मजबूत करना चाहती है। पार्टी ने सीमांचल क्षेत्र के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण जिलों में भी रणनीतिक उम्मीदवार उतारे हैं, ताकि विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी स्थिति को मजबूती से पेश किया जा सके।
AIMIM का यह कदम INDIA गठबंधन के लिए नई चुनौती पेश कर सकता है, खासकर उन विधानसभा क्षेत्रों में जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 17 प्रतिशत से अधिक है। पार्टी ने सीमांचल और अन्य संवेदनशील इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। हाल ही में पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सीमांचल का दौरा किया और स्थानीय नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य सिर्फ वोट बैंक तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में लंबे समय तक सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव बनाना है। आने वाले दिनों में AIMIM द्वारा बाकी उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी, जिससे बिहार के चुनावी समीकरण और भी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।