नवादा में जर्जर सामुदायिक भवन गिरने से एक वृद्ध की मौत

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के नवादा जिले से एक दुखद और दर्दनाक खबर सामने आई है। भारी बारिश के बीच एक 40 साल पुराना जर्जर सामुदायिक भवन अचानक ढह गया, जिसके मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना गुरुवार शाम को हुई। मृतक की पहचान रामलगन मांझी (उम्र 60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो नवादा के नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। मिली जानकारी के अनुसार, रामलगन मांझी का पोता बालू लेने के लिए उस जर्जर सामुदायिक भवन के पास गया हुआ था। अपने पोते को अकेला देख, रामलगन उसे लेने के लिए वहां पहुंचे। जैसे ही वह भवन के अंदर गए, अचानक छत और दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। रामलगन इस मलबे के नीचे दब गए।

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हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मलबा काफी भारी था और रामलगन को निकालना मुश्किल था। तुरंत ही इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही, नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद, पुलिस और स्थानीय लोगों ने मलबे के नीचे से रामलगन मांझी के शव को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद से रामलगन के परिवार में कोहराम मच गया है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी जर्जर भवनों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की कोई और घटना न हो। लोगों ने रामलगन के परिवार के लिए मुआवजे की भी मांग की है।

नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह के अन्य जर्जर भवनों की जानकारी जुटा रही है ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि लापरवाही से छोड़े गए पुराने और जर्जर भवन लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं।

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