सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को एक बड़ा झटका लगा है। जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना में रोड शो करने वाले हैं, उसी सुबह मोकामा विधानसभा सीट से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रत्याशी और बाहुबली नेता अनंत सिंह को हत्या के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में हुई यह कार्रवाई न केवल JDU की साख पर बट्टा लगाएगी, बल्कि पूरे NDA गठबंधन की ‘सुशासन’ की छवि को भी नुकसान पहुंचाएगी, खासकर तब जब गठबंधन लगातार विपक्ष के ‘जंगलराज’ को निशाने पर ले रहा है।
रोड शो की चमक हुई फीकी
बिहार में 6 नवंबर को 121 सीटों पर पहले चरण का मतदान होना है। प्रचार के लिए सिर्फ रविवार, सोमवार और मंगलवार का दिन शेष है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में, प्रधानमंत्री मोदी पटना शहर में रोड शो के लिए पहुंच रहे हैं। इस रोड शो को पहले चरण के मतदान से पहले एनडीए के लिए सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा था।
हालांकि, मोकामा से JDU प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने रोड शो की चमक को पहले ही फीका कर दिया है। अब रविवार की सुबह विपक्षी दल इस गिरफ्तारी को हथियार बनाकर पीएम मोदी, भाजपा और एनडीए पर हमला बोलेंगे। चुनावी पंडितों का मानना है कि पटना जिले की मोकामा सीट से प्रत्याशी की यह गिरफ्तारी एनडीए की छवि पर नकारात्मक असर डालेगी और चुनावी गणित को भी बुरी तरह प्रभावित करेगी।
जातीय तनाव और यादव वोटों पर असर
मोकामा में जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के बाद से ही इलाके में भूमिहार और यादव जातियों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। चूंकि अनंत सिंह भूमिहार जाति से आते हैं, और मृतक दुलारचंद यादव थे (जो लालू प्रसाद के करीबी थे), यादव समुदाय इसे भूमिहारों की मनमानी के रूप में देख रहा है।
NDA को नुकसान: विश्लेषकों का कहना है कि इस घटनाक्रम से यादव मतदाताओं के बीच यह संदेश जाएगा कि सत्तारूढ़ गठबंधन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है। इस गिरफ्तारी के बाद यादव मतदाता और भी एकजुट होकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर जा सकते हैं, जिससे एनडीए को यादव बहुल सीटों पर भारी नुकसान हो सकता है।
राजद के भूमिहार प्रत्याशी परेशान: हालांकि, इस घटना से RJD के भूमिहार प्रत्याशी भी असमंजस में हैं, खासकर वे जो यादव बहुल सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
मोकामा में संभावित फायदा: स्थानीय स्तर पर, मोकामा सीट पर भूमिहार जाति से आने वाले दूसरे बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को, अनंत सिंह की गिरफ्तारी से व्यक्तिगत रूप से फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है, पर यह लाभ पूरे गठबंधन को नहीं मिलेगा।
‘जंगलराज’ के आरोप पर घिरी NDA
अनंत सिंह की छवि हमेशा से ही बाहुबली की रही है। उनकी गिरफ्तारी से एनडीए के उस मुख्य चुनावी मुद्दे को ही चोट पहुंची है, जिसके तहत वह लालू प्रसाद के ‘जंगलराज’ को निशाने पर रखती है। 2020 के चुनाव में राजद के टिकट पर अनंत सिंह जीते थे, और अब वह जदयू के प्रत्याशी हैं।
अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने विपक्ष को यह कहने का मौका दे दिया है कि एनडीए भी अपराधियों को टिकट देती है। मोकामा हत्याकांड में हुई इस कार्रवाई से एनडीए के सभी प्रत्याशियों का मनोबल कमजोर हो सकता है, और उन्हें ‘सुशासन’ के नारे को बचाए रखने के लिए अब और अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।