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यदि आपका बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम बकाया है, तो उसे आज ही हर हाल में निपटा लें। बिहार में कल यानी 24 जनवरी से लेकर 27 जनवरी तक लगातार चार दिनों के लिए सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहने वाले हैं। लंबी छुट्टी और देशव्यापी हड़ताल के चलते ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। बैंक अब सीधे बुधवार, 28 जनवरी को ही सुचारू रूप से खुलेंगे।
छुट्टियों और हड़ताल का गणित: क्यों बंद रहेंगे बैंक?
बैंकों के बंद रहने का मुख्य कारण साप्ताहिक अवकाश, राष्ट्रीय पर्व और बैंक यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल का एक साथ पड़ना है। विस्तार से समझें छुट्टियों का क्रम:
1. 24 जनवरी (शनिवार): महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा।
2. 25 जनवरी (रविवार): साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक बंद रहेंगे।
3. 26 जनवरी (सोमवार): गणतंत्र दिवस के अवसर पर पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश रहेगा।
4. 27 जनवरी (मंगलवार): बैंक कर्मचारी यूनियनों द्वारा बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल के कारण कामकाज ठप रहेगा।
27 जनवरी को हड़ताल की मुख्य वजह
बैंक कर्मचारियों की विभिन्न यूनियनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का बिगुल फूँक दिया है। कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग ‘फाइव डे बैंकिंग’ (सप्ताह में केवल पांच दिन कार्य) को लागू करना है। इसके अलावा वेतन विसंगतियों और अन्य सुविधाओं को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। पटना, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर समेत बिहार के कई बड़े शहरों में बैंककर्मियों ने जनसंपर्क अभियान चलाकर इस हड़ताल के लिए समर्थन भी जुटाया है।
एटीएम और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर भी पड़ सकता है असर
लगातार चार दिनों तक बैंक बंद रहने से न केवल चेक क्लीयरेंस और ड्राफ्ट जैसे काम प्रभावित होंगे, बल्कि एटीएम में कैश की किल्लत भी हो सकती है। हालांकि, नेट बैंकिंग और यूपीआई (UPI) सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन भारी ट्रांजैक्शन या बैंक शाखा जाकर होने वाले कार्यों के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना होगा।