बिहार स्टेट गेम्स की बड़ी तैयारी: ओलंपिक एसोसिएशन को पत्र, पीटी उषा ने मांगी डिटेल्ड इवेंट लिस्ट…

Ritu Raj

बिहार में नेशनल गेम्स की तर्ज पर ‘बिहार स्टेट गेम्स’ आयोजित करने की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रन शंकरण ने आयोजन के प्रस्ताव को लेकर IOA अध्यक्ष पीटी उषा को विस्तृत पत्र भेजा है। वहीं पीटी उषा ने पहल का स्वागत करते हुए स्टेट गेम्स का पूरा इवेंट प्लान, प्रस्तावित शेड्यूल, खेलों की सूची और आयोजन स्थलों की जानकारी मांगी है, जिससे मेगा स्पोर्ट्स इवेंट की रूपरेखा स्पष्ट हो सके।

बिहार में पहली बार होने जा रहे बिहार स्टेट गेम्स को लेकर तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी बीच बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रन शंकरण ने IOA अध्यक्ष पीटी उषा को पत्र लिखकर बताया कि बिहार ओलिंपिक एसोसिएशन के सहयोग से राज्य जनवरी के आख़िरी सप्ताह से फरवरी के पहले सप्ताह के बीच इस मेगा इवेंट का आयोजन करने जा रहा है। महानिदेशक ने IOA से औपचारिक सहमति के साथ-साथ आयोजन को सफल बनाने के लिए मार्गदर्शन और सहयोग की अपील भी की है। इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए पीटी उषा ने खुशी जताई है और कहा कि बिहार ओलिंपिक एसोसिएशन की साझेदारी में होने वाले पहले बिहार स्टेट गेम्स की जानकारी पाकर उन्हें प्रसन्नता हुई, और IOA इस कदम का गर्मजोशी से स्वागत करता है। उनके अनुसार, यह आयोजन बिहार के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को सामने लाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा। वहीं, आगे IOA की ओर से हर स्तर पर सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से विस्तृत इवेंट प्लान, प्रस्तावित शेड्यूल, खेलों की सूची, आयोजन स्थल और आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी साझा करने का अनुरोध किया, ताकि आयोजन की पूरी रूपरेखा स्पष्ट हो सके और कार्यक्रम सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संपन्न कराया जा सके।

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खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की यह घोषणा अब जमीन पर उतरती दिख रही है। पदभार संभालते ही उन्होंने साफ कहा था कि बिहार की छिपी प्रतिभाओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने के लिए हर दो साल में स्टेट गेम्स का आयोजन जरूरी है। अब जब IOA ने भी पहल का स्वागत करते हुए आगे की रूपरेखा मांगी है, तो उम्मीद बढ़ गई है कि जनवरी- फरवरी से शुरू होने वाला यह नया खेल महोत्सव न सिर्फ़ बिहार के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को नई दिशा देगा, बल्कि गांव-गांव में बसने वाली उभरती प्रतिभाओं को भी बड़ा मंच उपलब्ध कराएगा।

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