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बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद गुरुवार को भी तेजस्वी यादव के सदन की कार्यवाही से नदारद रहने पर सत्ता पक्ष बीजेपी और जेडीयू ने उन पर तीखे शाब्दिक हमले किए हैं। उनकी इस गैर-मौजूदगी को ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में दिल्ली में संभावित पेशी से जोड़कर देखा जा रहा है।
तेजस्वी की अनुपस्थिति को जनता के प्रति असंवेदनशीलता बताते हुए, सत्ता पक्ष ने उन पर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है, जबकि आरजेडी ने कहा है कि विपक्ष का हर कार्यकर्ता मौजूद है और सरकार को जवाब देने में सक्षम है।
सत्ता पक्ष के कड़े तेवर
बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष “थोड़ा निराश और हताश” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता ने उनके मन के अनुकूल जनादेश नहीं दिया है, इसलिए वह निराशा के चलते सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि, ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में कोर्ट की पेशी के सवाल पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
बीजेपी के सांसद गोपालजी ठाकुर ने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में मर्यादित रूप से मौजूद रहना चाहिए था, खासकर राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान। उन्होंने दावा किया कि यह पहली घटना है जब राज्यपाल के अभिभाषण के वक्त नेता प्रतिपक्ष सदन में उपस्थित नहीं थे।
जेडीयू सांसद रामप्रीत मंडल ने तो तेजस्वी यादव को “इन मैच्योर” (अपरिपक्व) करार दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी बिहार की जनता के मामले में संवेदनशील नहीं हैं और उन्हें दिल्ली में घूमने के बजाय सदन में रहकर अभिभाषण पर चर्चा में शामिल होना चाहिए था और जनता से जुड़े सवाल उठाने चाहिए थे।
स्पीकर ने किया नाम पुकार, प्रस्ताव टला
विधानसभा में गुरुवार को कार्यवाही के दौरान एक अप्रत्याशित क्षण आया, जब स्पीकर प्रेम कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के प्रस्ताव को मूव कराने के लिए उनका नाम पुकारा। सदन में तेजस्वी के नदारद रहने के कारण सन्नाटा पसर गया और उनका प्रस्ताव मूव नहीं किया जा सका। इस मौके का फायदा उठाते हुए सत्ता पक्ष ने जमकर ठहाके लगाए और विपक्ष का मजाक उड़ाया कि प्रस्तावक खुद ही गायब हैं।
आरजेडी का बचाव: ‘सिपाही’ हैं मौजूद
सत्ता पक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए आरजेडी विधायक रणविजय साहू ने कहा कि “निश्चित रूप से नेता प्रतिपक्ष किसी जरूरी काम से कहीं बाहर हैं।” उन्होंने दृढ़ता से कहा कि तेजस्वी का एक-एक कार्यकर्ता और सिपाही सदन के अंदर मौजूद है और सरकार को जवाब देने के लिए काफी है।
अनुपस्थिति का कारण: ‘लैंड फॉर जॉब’ मामला
तेजस्वी यादव की सदन से दूरी का मुख्य कारण ‘लैंड फॉर जॉब’ (जमीन के बदले नौकरी) मामले में उनकी न्यायिक प्रक्रिया में भागीदारी को माना जा रहा है। इस मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव आरोपी हैं। गुरुवार को इसी मामले में सुनवाई होनी थी, हालांकि अब अगली सुनवाई की तारीख 8 दिसंबर तय की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेजस्वी यादव इसी मामले में पेशी के लिए अपने पिता लालू यादव के साथ दिल्ली पहुंचे हुए हैं। उनकी यह अनुपस्थिति दिखाती है कि कानूनी बाध्यताएं किस तरह से राजनीतिक जिम्मेदारियों पर भारी पड़ रही हैं।