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बिहार विधानमंडल का बजट सत्र आज यानी 2 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है, जो 27 फरवरी तक चलेगा। इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार 3 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में पेश करेगी। यह नीतीश सरकार का नया कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट होगा, जिसे वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव प्रस्तुत करेंगे। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का अभिभाषण होगा और आर्थिक सर्वेक्षण भी पटल पर रखा जाएगा।
बजट सत्र का शेड्यूल इस प्रकार है: 2 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण और आर्थिक सर्वेक्षण। 3 फरवरी को बजट पेश। 5 फरवरी को अभिभाषण पर चर्चा और सरकार का जवाब। 6 से 20 फरवरी तक बजट पर सामान्य विमर्श और मतदान। 14 से 26 फरवरी तक राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे। जबकि 25 से 27 फरवरी तक गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। इस दौरान सरकार विकास के एजेंडे और भविष्य के रोडमैप को सामने रखेगी, जबकि विपक्ष सरकार को घेरने के लिए प्रभावी मुद्दों की तलाश में जुटा है।
बजट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-3’ पर रहेगा। पिछले विधानसभा चुनाव में किए गए वादों को इसमें समाहित करते हुए राज्य की प्रति व्यक्ति आय को अगले पांच वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वर्तमान प्रति व्यक्ति आय में हर साल कम से कम 16 प्रतिशत की वृद्धि जरूरी होगी। नवीन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशें भी बजट में शामिल की जा सकती हैं, जो राजस्व के नए स्रोतों पर सुझाव देगी और राजस्व में लगभग 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान है।
इस बार बजट में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ प्रमुख आकर्षण रह सकती है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता देने का प्रावधान संभावित है। इसके लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था सरकार की बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा पिछले बजट के बाद एक लाख से अधिक नियुक्तियां हो चुकी हैं, जिनके वेतन के लिए प्रावधान जरूरी है। 2026 में सहकारिता क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर भर्तियां प्रस्तावित हैं, जो बजट पर असर डालेंगी।
विपक्ष को बड़ा झटका: नीट छात्रा शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में 48 घंटे पहले सीबीआई जांच की घोषणा से विपक्ष का मुख्य मुद्दा कमजोर पड़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सहित विपक्ष अब नए मुद्दों की तलाश में है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: विधानसभा परिसर में त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। 40 मजिस्ट्रेट, 50 पुलिस पदाधिकारी और करीब 1000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सीसीटीवी निगरानी और 8 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) सक्रिय रहेंगी। जिलाधिकारी और एसएसपी ने परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुबह 9 बजे से ड्यूटी पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहें।
यह बजट सत्र बिहार की आर्थिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण होगा, जहां विकास योजनाओं के साथ राजनीतिक घमासान भी देखने को मिलेगा।