सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पर्यवेक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की और निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए। यह बैठक दिल्ली के द्वारका स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में हुई, जिसमें देशभर से नियुक्त किए गए केंद्रीय पर्यवेक्षकों को मुख्य चुनाव आयुक्त और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संबोधित किया।
पारदर्शिता और सुरक्षा पर आयोग का जोर
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों के उपचुनावों को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाना चाहिए। आयोग ने चुनावों की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ा दिया है।
मुख्य निर्देश और व्यवस्थाएं:
मतगणना केंद्रों पर सख्ती: आयोग ने निर्देश दिया है कि मतगणना केंद्रों की सुरक्षा और भीतर आने-जाने वालों की निगरानी के लिए सख्त व्यवस्था की जाए। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश मिलेगा।
CCTV निगरानी: मतदान और मतगणना दोनों केंद्रों पर CCTV कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी। पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे पूरी प्रक्रिया पर सख्त नजर रखें और किसी भी अनियमितता की तुरंत सूचना दें।
शिकायतों का तुरंत निपटारा: आयोग ने निर्देश दिया कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की शिकायत या विवाद का निपटारा तुरंत और निष्पक्ष तरीके से किया जाए।
मीडिया के लिए मानक: मीडियाकर्मियों के प्रवेश के लिए भी निर्धारित मानकों का पालन करने और उसी के अनुसार प्रवेश देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
CEC के बिहार दौरे के बाद होगा तारीखों का ऐलान
पर्यवेक्षकों को दिशा-निर्देश देने के बाद, अब केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम बिहार के दौरे पर निकलने वाली है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम 4 और 5 अक्टूबर को बिहार का दौरा करेगी।
इस दौरे का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की अंतिम दौर की तैयारियों का जायजा लेना और सुरक्षा व्यवस्था तथा जमीनी हकीकत का आकलन करना है। व्यापक समीक्षा और तैयारियों के आकलन के बाद, यह उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। आयोग की यह सख्ती दर्शाती है कि वह आगामी चुनावों को बिना किसी चूक के सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।