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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच, महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने बुधवार को एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अगले एक हफ्ते से दस दिनों के भीतर महागठबंधन में सीटों का बंटवारा अंतिम रूप ले लेगा और इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। सहनी के इस बयान ने महागठबंधन के भीतर की चल रही बातचीत को उजागर कर दिया है और यह संकेत दिया है कि सभी घटक दल एक समझौते पर पहुंचने के करीब हैं।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मुकेश सहनी ने कहा कि वीआईपी पार्टी ने पहले ही अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी कि वह इस चुनाव में 60 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है और उप-मुख्यमंत्री का पद भी वीआईपी के पास ही रहना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार चुनाव में उन्हीं उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा जो वास्तव में जीतने की स्थिति में होंगे।
सहनी ने मुजफ्फरपुर का जिक्र करते हुए कहा कि निषाद समाज यहां काफी जागरूक है और उनकी पार्टी की इच्छा है कि इस क्षेत्र में अधिकतम सीटों पर वीआईपी ही चुनाव लड़े। उन्होंने दावा किया कि वीआईपी के पास हर विधानसभा क्षेत्र में 30 से 40 हजार वोट लाने की क्षमता है, जो जीत सुनिश्चित करने के लिए काफी है। उन्होंने कहा कि भले ही गठबंधन में सीटों को लेकर कुछ समझौता करना पड़े, लेकिन उनकी पार्टी मजबूती के साथ चुनाव लड़कर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुकेश सहनी ने यह भी स्पष्ट किया कि महागठबंधन में हर पार्टी वही सीट लड़ेगी जहां उसके जीतने की संभावना सबसे अधिक है। उन्होंने कहा, “जहां वीआईपी नहीं लड़ेगी, वहां आरजेडी लड़ेगी। जहां आरजेडी नहीं लड़ेगी, वहां लेफ्ट लड़ेगा। हम सभी मिलकर 243 सीटों पर लड़ेंगे।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गठबंधन में बेहतर उम्मीदवार को ही मौका दिया जाएगा, जिससे जीत की संभावना को अधिकतम किया जा सके। सहनी के इस बयान से यह साफ हो गया है कि महागठबंधन इस चुनाव को एकजुट होकर और रणनीति के साथ लड़ना चाहता है ताकि एनडीए को कड़ी टक्कर दी जा सके।
बिहार चुनाव की तारीखों की घोषणा होने में अभी कुछ समय बाकी है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुकेश सहनी का यह बयान महागठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, क्योंकि यह दर्शाता है कि गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर चल रही बातचीत अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।