सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा भले ही अभी न हुई हो, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बक्सर की राजपुर (सुरक्षित) सीट से एनडीए उम्मीदवार का नाम घोषित कर सबको चौंका दिया है। एक जनसभा में उन्होंने पूर्व मंत्री संतोष कुमार निराला को पार्टी का उम्मीदवार बताते हुए जनता से उनके पक्ष में वोट करने की अपील की। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एनडीए के भीतर सीटों का बंटवारा अभी तक फाइनल नहीं हुआ है।
नीतीश का चौंकाने वाला ऐलान
सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के इस ऐलान के वक्त भाजपा कोटे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मंच पर मौजूद थे। नीतीश कुमार ने मंच से कहा, “कुछ ही दिन में चुनाव होने वाला है। आप लोग ध्यान दीजिएगा, इन्हें (संतोष कुमार निराला) जिताइएगा।” उन्होंने जनता से बिहार को आगे बढ़ाने के लिए एनडीए को भारी संख्या में जिताने की अपील की। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस वाले केवल गड़बड़ करते रहे हैं।” बाद में न तो भाजपा और न ही जदयू की ओर से इस मामले को कोई तूल दिया गया।
यह कदम नीतीश कुमार के राजनीतिक दांवपेच का हिस्सा माना जा रहा है। आमतौर पर सीटों के बंटवारे के बाद ही उम्मीदवारों के नाम की घोषणा होती है, लेकिन समय से पहले नाम का ऐलान करना यह दिखाता है कि जदयू इस सीट पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यह सीट पारंपरिक तौर पर जदयू की ही रही है, और 2020 में यहां मिली हार के बाद पार्टी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
संतोष निराला का पिछला प्रदर्शन
संतोष कुमार निराला का इस सीट से पुराना रिश्ता है। वे 2015 में जदयू-राजद गठबंधन से चुनाव जीतकर परिवहन मंत्री बने थे। हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार समय से पहले ही उनके नाम का ऐलान करके जदयू ने एक तरह से इस सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है और चुनाव अभियान की शुरुआत कर दी है।
विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
उम्मीदवार के नाम के ऐलान के अलावा, मुख्यमंत्री ने राजपुर विधानसभा और बक्सर जिले के लिए 325 करोड़ 13 लाख रुपये की 5 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें सड़कों का चौड़ीकरण, गंगा तटबंध का सुदृढ़ीकरण और ‘भारत रत्न’ उस्ताद बिस्मिल्ला खां संगीत कॉलेज की स्थापना शामिल है। इन विकास कार्यों का ऐलान चुनाव से पहले जनता को आकर्षित करने का एक और तरीका है।
राजपुर सुरक्षित सीट का इतिहास बताता है कि यहां मुकाबला हमेशा कड़ा होता है। मुख्यमंत्री के इस खुले समर्थन से संतोष निराला को बेशक एक मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलेगी, लेकिन विपक्ष की मजबूत रणनीति इस लड़ाई को और भी रोचक बना सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए में सीट बंटवारे से पहले लिया गया नीतीश का यह फैसला कितना प्रभावी साबित होता है और क्या अन्य सीटों पर भी इसी तरह की घोषणाएं की जाएंगी।