ड्यूटी छोड़ ‘पिकनिक’ मनाने गए थानेदार, जब जाम में फंसी जनता तो एसपी ने आव देखा न ताव, कर दिया सस्पेंड

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
नए साल के मौके पर जहाँ पूरे जिले की पुलिस को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया था, वहीं एक थानेदार की मनमानी और लापरवाही ने पूरे महकमे की फजीहत करा दी। पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने अनुशासनहीनता की सारी हदें पार करने वाले बीजधरी थानाध्यक्ष विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी की इस कड़क कार्रवाई से जिले के सभी थानों में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, नए साल के आगमन पर केसरिया स्तूप और उसके आसपास के इलाकों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान केसरिया स्तूप से बीजधरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर भीषण जाम लग गया। सैकड़ों गाड़ियां और आम लोग घंटों सड़क पर फंसे रहे। स्थिति इतनी विकराल हो गई कि स्थानीय लोगों ने पुलिस से मदद मांगी, लेकिन जब बीजधरी थाने के एसएचओ विकास कुमार को खोजा गया, तो वे अपनी पोस्ट से गायब मिले।

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जांच में खुला ‘पिकनिक’ का राज
जाम की सूचना मिलते ही जब एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले का संज्ञान लिया और थानाध्यक्ष की लोकेशन और स्थिति की जांच कराई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। थानाध्यक्ष विकास कुमार बिना किसी पूर्व अनुमति या विभागीय सूचना के अपना कार्यक्षेत्र और जिला छोड़कर बाहर चले गए थे। बताया जा रहा है कि वे अपने कुछ करीबियों के साथ पिकनिक मनाने के लिए जिले की सीमा लांघ गए थे। ड्यूटी के दौरान जनता को मुसीबत में छोड़कर मनोरंजन करना थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया।

एसपी का सख्त संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
एसपी स्वर्ण प्रभात ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिसिंग में अनुशासन सबसे ऊपर है। जब क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब थानाध्यक्ष का बिना सूचना गायब होना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि जो भी अधिकारी नियमों का उल्लंघन करेगा या मुख्यालय छोड़ने से पहले सक्षम अधिकारी की अनुमति नहीं लेगा, उस पर ऐसी ही गाज गिरेगी। वर्तमान में बीजधरी थाने की कमान वैकल्पिक रूप से दूसरे अधिकारी को सौंप दी गई है और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

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