Bihar Mining Revenue 2026: बिहार में खनन से बरसे पैसे, ₹3800 करोड़ के लक्ष्य के करीब पहुँचा विभाग…

Ritu Raj

खान एवं भूतत्व विभाग बिहार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रह के मामले में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 3592.60 करोड़ रुपये की वसूली की है। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के 3536.21 करोड़ रुपये की तुलना में 56.39 करोड़ रुपये अधिक है।

राज्य के उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रेस वार्ता में बताया कि विभाग ने यह उपलब्धि कई चुनौतियों के बावजूद हासिल की है। उन्होंने विश्वास जताया कि विभाग अपने 3850 करोड़ रुपये के लक्ष्य के करीब पहुंचते हुए 3800 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली कर लेगा, जैसे ही लंबित राशि प्राप्त हो जाएगी। सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष 78 बालू घाटों के सरेंडर होने से सरकार को करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, विभिन्न कार्य विभागों से मिलने वाली राशि में भी गिरावट आई। जहां 2024-25 में 511 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, वहीं 2025-26 में यह घटकर 369 करोड़ रुपये रह गया, जिससे लगभग 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

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अभी भी मिलना बाकी है बड़ा राजस्व;
तकनीकी कारणों से 31 मार्च 2026 तक करीब 309 करोड़ रुपये विभाग को प्राप्त नहीं हो सके। इसमें भारतीय रेलवे से 32 करोड़, ग्रामीण कार्य विभाग से 70 करोड़, CPWD से 20 करोड़ और पटना मेट्रो से 6.5 करोड़ रुपये शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि ये राशि मिलते ही विभाग अपने लक्ष्य को पार कर लेगा।

जिलों और अधिकारियों की सराहना;
उन्होंने बताया कि राज्य के 21 जिलों ने अपने-अपने राजस्व लक्ष्य से अधिक वसूली की है, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की गई। सरकार ने बालू घाट सरेंडर करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अब ऐसी कंपनियों को भविष्य में नए टेंडर में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग का मानना है कि सख्त निगरानी और अवैध खनन पर कार्रवाई के कारण ही कई कंपनियों ने घाट छोड़े हैं। साथ ही, 12 नए बालू घाटों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। “बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार” के तहत 96 लोगों को कुल 4.90 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी उनके बैंक खातों में भेजी गई है।

भविष्य की योजना;
राजस्व बढ़ाने के लिए विभाग ने 30 नए स्टोन माइनिंग ब्लॉकों की पहचान की है। इस पहल से न केवल दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। खान एवं भूतत्व विभाग बिहार का यह प्रदर्शन दिखाता है कि चुनौतियों के बावजूद बेहतर रणनीति और सख्त प्रशासनिक कदमों से राजस्व में वृद्धि संभव है। आने वाले समय में विभाग के ये कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देंगे।

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