बिहार के दबंग विधायक रीतलाल यादव पर शिकंजा, रंगदारी और हत्या मामलों में बढ़ी मुश्किलें…

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव

आरजेडी विधायक रीतलाल यादव के राजनीतिक और आपराधिक मामलों की गूँज एक बार फिर तेज़ हो गई है। हाल ही के दिनों में प्रशासन ने उन पर शिकंजा भी कस दिया है। वहीं, उन पर 40 से ज्यादा मामले दर्ज है।

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आरजेडी विधायक रीतलाल यादव के राजनीतिक और आपराधिक मामलों की गूँज एक बार फिर तेज़ हो गई है। दानापुर के बाहुबली माने जाने वाले रीतलाल यादव के खिलाफ दर्जनों मुक़दमें चल रहे हैं। हाल के दिनों में प्रशासन ने उन पर शिकंजा भी कस दिया है। दरअसल, उन पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, इसे लेकर उनका कहना है कि उन्हें साज़िश के तहत फँसाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया है। आगे कहा कि उन पर इतने दबाव हैं कि वे “इच्छामृत्यु” की अनुमति चाहते हैं। आइए जानते है रीतलाल पर कितने मुक़दमें हैं। रीतलाल यादव पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, दंगा और शस्त्र अधिनियम के तहत कई मामले शामिल हैं।   इनमें से कम से कम 10 मामलों में स्थानीय अदालतों ने संज्ञान लिया है। हालिया सरेंडर और जेल मामले में 17 अप्रैल 2025 को रीतलाल यादव ने दानापुर अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें और उनके तीन साथियों चिक्कू यादव, पिंकू यादव, श्रवण यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जेल तबादला की बात कर्रें, तो पटना की बेउर जेल से उन्हें सुरक्षा कारणों और गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भागलपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया। यहाँ उन्हें हाई सिक्योरिटी टी-सेल में रखा गया है, जहाँ पहले भी कुख्यात कैदी रखे जा चुके हैं। पुलिस छापे और कार्रवाई मामले में, दानापुर और खगौल इलाक़े में उनके गुर्गों के ठिकानों पर पुलिस ने लगातार छापेमारी की है। एक ज़मीनी विवाद में आरोप है कि रीतलाल यादव के इशारे पर घर की दीवार तोड़ दी गई क्योंकि मालिक ने रंगदारी देने से मना कर दिया था। प्रशासनिक सख़्ती भी काफी तेज है। दानापुर में प्रशासन ने 17 अवैध दुकानें ढहा दीं, जिन्हें सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर बनाया गया था और इनका सीधा संबंध रीतलाल यादव या उनके परिवार से बताया जा रहा है। इसके अलावे, ज़िला प्रशासन ने और भी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई शुरू की है।

गौरतलब है कि विधायक रीतलाल यादव की तुलना कुख्यात बाहुबली अतीक अहमद जैसे गैंगेस्टर से की जा रही है। हालांकि, उनके इलाके(दानापुर) के लोगों को यह अंदेशा सता रहा है कि कहीं उनका अतीक अहमद की तरह कहीं एनकाउंटर न कर दी जाए। वैसे अब तक इसे लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है कि सरकार रीतलाल यादव का एनकाउंटर करने की योजना बना रही है। वहीं, प्रशासन और भाजपा नेताओं पर कानून-व्यवस्था सख़्त करने का दबाव ज़रूर है लेकिन कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक जोखिम को देखते हुए सरकार फिलहाल न्यायिक कार्रवाई पर ही जोर दे रही है।

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