बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन: आज पहुंचेंगे पटना, महाशिवरात्रि पर खाजपुरा में करेंगे शक्ति प्रदर्शन

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के कद्दावर नेता नितिन नबीन आज शनिवार, 14 फरवरी को अपने गृह राज्य बिहार के दौरे पर पहुंच रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष की इस यात्रा को आगामी राजनीतिक समीकरणों और धार्मिक एकजुटता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नितिन नबीन का यह दौरा न केवल सांगठनिक है, बल्कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जनसंपर्क का एक बड़ा माध्यम भी बनेगा।

पटना एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत की तैयारी
तय कार्यक्रम के अनुसार, नितिन नबीन शनिवार सुबह दिल्ली से 10:45 बजे की फ्लाइट से पटना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं द्वारा उनके भव्य स्वागत की तैयारी की गई है। वहां से वे सीधे टेलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास के लिए रवाना होंगे। हालांकि, उनकी यह यात्रा मुख्य रूप से धार्मिक और निजी बताई जा रही है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे प्रदेश अध्यक्ष और अन्य कोर कमेटी के सदस्यों के साथ अनौपचारिक बैठक भी कर सकते हैं।

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महाशिवरात्रि पर खाजपुरा में दिखाएंगे दम
नितिन नबीन के इस दौरे का सबसे प्रमुख आकर्षण 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है। रविवार को वे पटना के ऐतिहासिक खाजपुरा शिव मंदिर पहुंचेंगे। यहाँ वे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे और उसके बाद निकलने वाली भव्य महाशिवरात्रि शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगे। वे शोभायात्रा में शामिल विभिन्न झांकियों का अभिनंदन करेंगे। खाजपुरा की शिव बारात पूरे बिहार में प्रसिद्ध है और नितिन नबीन का वहां मौजूद रहना उनकी अपनी विधानसभा (बांकीपुर) और स्थानीय जनता के बीच गहरी पैठ को दर्शाता है।

बजट सत्र के बाद फिर बिहार में सक्रियता
गौरतलब है कि इससे पहले नितिन नबीन 9 फरवरी को भी पटना आए थे और 10 फरवरी को बतौर बांकीपुर विधायक बिहार विधानसभा के बजट सत्र में हिस्सा लिया था। उस दौरान सदन में उनका जोरदार स्वागत हुआ था। राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका दूसरा संक्षिप्त दौरा है। 16 फरवरी को वे वापस दिल्ली लौट जाएंगे, जहां आगामी राज्यों के चुनावों और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकों में शामिल होंगे।

राजनीतिक निहितार्थ
नितिन नबीन का बार-बार बिहार आना और स्थानीय उत्सवों में शामिल होना यह स्पष्ट करता है कि राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी होने के बावजूद वे बिहार की जमीन और ‘बांकीपुर’ के अपने आधार को कमजोर नहीं होने देना चाहते। महाशिवरात्रि जैसे बड़े सार्वजनिक मंचों से वे कार्यकर्ताओं में नया उत्साह फूंकने की कोशिश करेंगे।

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