सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने अपने सभी बड़े नेताओं, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सक्रिय होने का निर्देश दिया है। इस रणनीति के तहत, भाजपा नेता फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाएंगे।
पार्टी ने बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की एक बड़ी फौज तैयार की है जो ‘नमो ऐप’ और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से लोगों को जोड़ेगी। भाजपा का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए ‘डबल इंजन’ की सरकार के कामों को घर-घर तक पहुंचाना आसान होगा। पार्टी ने इस काम के लिए विस्तृत रणनीति बनाई है, जिसके तहत बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पहले चरण में, पार्टी के 1420 संगठनात्मक मंडलों में प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं, ताकि शक्ति केंद्र स्तर के प्रशिक्षकों को इस काम का दायित्व सौंपा जा सके। इन कार्यकर्ताओं का मुख्य काम न केवल केंद्र सरकार की नीतियों और विकास कार्यों का प्रचार करना होगा, बल्कि पार्टी के प्रमुख नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट को लाइक, फॉलो और सब्सक्राइब कराने की पहल भी तेज करनी होगी।
भाजपा की इस पहल का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यम से सीधे लोगों से जुड़कर उनकी राय जानना और उन्हें अपनी बात बताना भी है। पार्टी का मानना है कि इस तरह की सक्रियता से नेताओं की लोकप्रियता बढ़ेगी और जनता के बीच उनकी पकड़ मजबूत होगी। यह रणनीति दर्शाती है कि इस बार बिहार चुनाव में भाजपा पारंपरिक प्रचार के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों पर भी पूरा जोर देगी।