रेलवे लाइन, नहर और ट्रॉमा सेंटर की मांग पर बसपा नेता का दो दिवसीय सत्याग्रह

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव: अरवल जिला को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की मांग को लेकर बहुजन सामाज पार्टी (बसपा) के नेता और अरवल विकास मंच के अध्यक्ष मनोज सिंह यादव के नेतृतव में दो दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत हुई। यह धरना अरवल बस स्टैंड पर किया गया, जिसमें स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर पांच सूत्रीय मांगों को सामने रखा गया।

बसपा नेता ने बताया कि यह सत्याग्रह आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 29 और 30 जून 2025 को प्रस्तावित बिहार दौरे से पहले अरवल की जनता की आवाज उन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि अरवल आज भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है और इस सत्याग्रह के माध्यम से सरकार का ध्यान उन समस्याओं की ओर आकृष्ट किया जा रहा है।

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पांच प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  1. बिहटा-औरंगाबाद रेलवे लाइन को अरवल होकर जोड़ने की परियोजना का काम जल्द से जल्द शुरू कर तय समयसीमा में पूरा किया जाए, जिससे अरवल रेलवे नेटवर्क से जुड़ सके।
  2. हमीद नगर-पुनपुन बराज परियोजना को जगदेव फार्मूला पर लागू किया जाए और उसी आधार पर नहर की खुदाई कराई जाए।
  3. कदवन जलाशय परियोजना को पूर्ण किया जाए ताकि सोन नहर के निचले हिस्से तक पानी पहुंच सके और किसान पटवन कर सकें।
  4. औरंगाबाद से अरवल तक सड़क चौड़ीकरण और अरवल बाइपास का शीघ्र निर्माण किया जाए ताकि यातायात की सुविधा बेहतर हो सके।
  5. अरवल में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की जाए ताकि गंभीर दुर्घटनाओं या आपात स्थिति में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

मनोज सिंह यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह आंदोलन अरवल जिले के हक और सम्मान के लिए है। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वे अरवल को उपेक्षा की भावना से नहीं देखें और इन मांगों को प्राथमिकता पर लेकर जनता को राहत दें।

सत्याग्रह के पहले दिन बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई और आंदोलन को क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस बार भी इन मांगों को नजरअंदाज किया तो जन आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस सत्याग्रह ने अरवल में राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है और अब सबकी निगाहें प्रधानमंत्री की बिहार यात्रा और उनके द्वारा की गई घोषणाओं पर टिकी हैं।

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