बिहार में जल्द ही वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू होने जा रही है, जिसमें राज्य का सहयोग मध्य प्रदेश से मिलेगा। बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इसके अलावा, श्रेयसी सिंह ने भोपाल में स्थित वाटर स्पोर्ट्स की कैनोइंग, कयाकिंग और रोइंग अकादमियों का दौरा भी किया, ताकि इन खेलों के विकास के लिए प्रभावी रणनीतियों का अध्ययन किया जा सके।
भारतीय कैनोइंग एंड कयाकिंग फेडरेशन के अध्यक्ष, प्रशांत कुशवाहा ने बिहार में एक अत्याधुनिक वाटर स्पोर्ट्स अकादमी खोलने के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन करने हेतु अगले सप्ताह कनाडा के ओलंपियन और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को भेजने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही, फेडरेशन ने बिहार के वाटर स्पोर्ट्स कोचों को अपने विश्वस्तरीय ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण देने की भी मंजूरी दी है। वहीं, इसके अलावा, बिहार में वाटर स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना, जेटी निर्माण, और इस खेल से संबंधित आवश्यक उपकरणों की खरीदारी और आपूर्ति में फेडरेशन पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। भारतीय कैनोइंग एंड कयाकिंग फेडरेशन अगले दो वर्षों तक इस अकादमी के संचालन और प्रशिक्षण का जिम्मा उठाएगा, ताकि बिहार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस खेल में नए आयाम स्थापित कर सके।
श्रेयसी सिंह ने अपने प्रतिनिधिमंडल और मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंगी सहित अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों राज्यों के बीच खेल के क्षेत्र में आपसी सहयोग को लेकर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान कैलाश सारंगी ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश के विभिन्न खेल अकादमियों में बिहार के खिलाड़ियों के लिए 20 प्रतिशत स्थान आरक्षित रखा जाएगा। विशेषकर शूटिंग, तीरंदाजी, बॉक्सिंग, और वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेलों में बिहार के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की सुविधाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही, यह भी तय किया गया कि जब तक बिहार में इन खेलों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना पूरी तरह विकसित नहीं हो जाती, तब तक बिहार के खिलाड़ी मध्य प्रदेश में उपलब्ध राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इस समझौते से दोनों राज्यों के बीच खेल के ज्ञान, प्रशिक्षकों, और विशेषज्ञों का आदान-प्रदान बढ़ेगा, जिससे खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास में एक नई दिशा मिलेगी। दोनों राज्यों के बीच सहयोग, तालमेल और समन्वय पर सहमति बनी, जो खेल क्षेत्र में नए अवसरों और संभावनाओं को जन्म देगा।