Bihar Politics:
सिटी पोस्ट लाइव :बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की हनक कमजोर पड़ गई है क्या?जिस तरह से अधिकारी उनकी बाओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, इससे तो यहीं लगता है. पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित “डॉ. आंबेडकर समग्र सेवा अभियान” कार्यक्रम के दौरान मंच पर तो कुछ ऐसा ही नजारा दिखा. जब मंच पर सभी नेताओं को सम्मानित करने के लिए अधिकारी गुलदस्ता लेकर पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले उन्होंने सीएम नीतीश को सम्मानित किया.उसके बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी औऱ विजय सिन्हा को सम्मानित किया. ठीक उसके बाद प्रोटोकॉल के अनुसार मंत्री अशोक चौधरी को सम्मानित करना चाहिए था लेकिन अधिकारी जनक राम को सम्मानित करने लगे.
सीएम औऱ डिप्टी सीएम ने अधिकारी को इशारा किया कि वो अपनी गलति सुधारे.लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं दिखा.बिहार सराकर के मंत्री अशोक चौधरी चुपचाप ये माजरा देखते रहें.इस वाकया को देखते हुए पहले डिप्टी सीएम औऱ फिर खुद सीएम विफर गए. डिप्टी सीएम ने अधिकारी को इशारा करते हुए कहा कि पहले अशोक चौधरी को दें वहीं अधिकारी उन्हें इग्नोर करते हुए जनक राम को सम्मानित करने लगे. सीएम नीतीश डिप्टी सीएम के रिएक्शन को देख दूसरी ओर से अन्य अधिकारी मंच पर आए और मंत्री अशोक चौधरी को सम्मानित किया. लेकिन अधिकारी की मनमानी यहीं खत्म नहीं हुई.
इसके बाद बारी आई दलितों को सम्मानित करने की. चार दलित को सीएम नीतीश,दोनों डिप्टी सीएम और मंत्री अशोक चौधरी के हाथों सम्मानित करना था. लेकिन यहां भी अधिकारी की लापरवाही दिखीय़ अधिकारी पहले सीएम नीतीश के हाथों से फिर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और डिप्टी विजय सिन्हा के हाथों से सम्मानित किया गया. प्रोटोकॉल के अनुसार इसके बाद अशोक चौधरी के हाथों से सम्मानित करना था लेकिन अधिकारी एक बार फिर जनक राम की ओर जाने लगे. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पहले अधिकारी को इशारा किया फिर जब अधिकारी नहीं सुने तो उन्होंने सख्ती के साथ अधिकारी के हाथों को पकड़ते हुए उन्हें अशोक चौधरी के तरफ घुमा दिया. जिसका बाद मंत्री अशोक चौधरी ने सम्मानित किया.