बिहार की नई सरकार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने के बाद उनका सादा पहनावा और सहज व्यवहार सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। और इसी वजह से लोग उन्हें ‘वायरल मंत्री’ कहने लगे हैं। मीडिया से बातचीत में दीपक ने न केवल अपनी राजनीतिक सोच और मंत्री पद की जिम्मेदारियों पर बात की, बल्कि परिवारवाद के आरोपों पर भी बेबाकी से जवाब दिया।
दीपक प्रकाश का कहना है कि भले ही वे मंत्री पद पर पहली बार पहुंचे हों, लेकिन राजनीति उनके लिए नई नहीं है। बचपन से ही वे अपने पिता उपेंद्र कुशवाहा को लोगों के बीच काम करते देखते आए हैं। वे बताते हैं कि मंत्री बनाए जाने की जानकारी उन्हें एक बैठक में मिली, जिसे खुद उनके पिता जी ने बुलाया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे नेताओं के साथ काम करने का अवसर उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।
इसके साथ ही परिवारवाद के सवालों से परे, दीपक का मानना है कि राजनीति में बदलाव की जरूरत है और युवाओं को जोड़ना समय की मांग है। उनके अनुसार, ‘युवा पुरानी राजनीति से दूर हो रहे हैं, और अगर हम ही उनसे दूर रहेंगे तो नई ऊर्जा कैसे आएगी?’ वे कहते हैं कि वे आम लोगों की तरह मिल-जुलकर, लोगों के बीच रहकर काम करना चाहते हैं।