EC ने दिए बड़े संकेत,इस महीने में हो सकते हैं हो सकते हैं बिहार विधानसभा चुनाव.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधान सभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियों के आधार पर ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में चुनाव की घोषणा हो सकती है. नवंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में चुनाव हो सकते हैं.इस साल नवंबर में होने वाले चुनाव को  लेकर चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों की तैयारी तेजी से चल रही है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम की घोषणा के बाद से चुनाव की तिथियों को लेकर संकेत मिलने लगे हैं.

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को लेकर  बड़ा एलान किया है.मतदाता सूची के पुनरीक्षण और सत्यापन का कार्य 1 जुलाई से शुरू हो जाएगा. मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 30 सितंबर तय की गई है. सूत्रों के अनुसार, मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के एक हफ्ते के बाद आमतौर पर चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिए जाते हैं. इस आधार पर माना जा रहा है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में चुनाव की घोषणा हो सकती है और नवंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में चुनाव हो सकते हैं.

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अक्टूबर के अंत में छठ पर्व होता है, जिसमें देश-विदेश में कहीं भी रहने वाले अधिकांश बिहारी बिहार आकर इस पर्व में शामिल होते हैं. चुनाव आयोग भी इस बात का ध्यान रख रहा है कि अधिक से अधिक मतदाता चुनाव में भाग लें. इसलिए चर्चा तेज है कि अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में छठ पर्व समाप्त होने के बाद, बिहार लौटे बिहारी चुनावी प्रक्रिया में भाग ले सकें. इससे वोटिंग प्रतिशत भी बढ़ सकता है. एक अनुमान के अनुसार, बिहार के बाहर लगभग डेढ़ करोड़ बिहारी रहते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में लोग छठ पर्व में बिहार आते हैं, जिस पर चुनाव आयोग की नजर है.

बिहार विधान सभा चुनाव के पहले, चुनाव आयोग ने मतदाताओं से जुड़ी तैयारियां भी की हैं ताकि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी न हो. इसके तहत वोटर आईडी कार्ड में सुधार के लिए विशेष जांच प्रक्रिया की घोषणा की गई है. इसका उद्देश्य उन वोटर सूचियों में त्रुटियों को सुधारना है जिनमें गलतियां हैं. इसके तहत 2003 में मतदाता सूची में शामिल नहीं होने वाले मौजूदा मतदाताओं को फिर से अपनी पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. 1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाताओं के लिए माता-पिता की जन्म तिथि का प्रमाण आवश्यक होगा. 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को माता-पिता की जन्म तिथि या जन्म स्थान का प्रमाण देना जरूरी होगा.

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