आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज पर ईडी का शिकंजा, विपक्ष ने कसे तंज…

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के घर पर ईडी ने दबिश दी है। उन पर अस्पताल निर्माण घोटाले का आरोप लगाया गया है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में सियासी हलचल मच गई है। हालांकि, इस मामले पर आप सरकार ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है।

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दरअसल, ईडी ने आप के नेता और दिल्ली के पूर्व हेल्थ मिनिस्टर सौरभ भारद्वाज के घर के साथ ही 13 ठिकानों पर छापेमारी की है। उनके पर स्वास्थ्य मंत्री रहने के दौरान अस्पतालों, पॉलीक्लिनिक और आईसीयू इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में भारी अनियमितताएं का आरोप है। वहीं, अब इस मामले पर आप और बीजेपी नेता आमने-सामने हो गए है। ED की रेड पर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, “यह मोदी सरकार द्वारा एजेंसीज के दुरुपयोग का एक और मामला है। मोदी सरकार आम आदमी पार्टी के पीछे पड़ गई है। जिस तरह “आप” को टारगेट किया जा रहा है, ऐसे इतिहास में किसी पार्टी को नहीं किया गया। “आप” को इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि मोदी सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्ट कामों के खिलाफ सबसे मुखर आवाज “आप” की है। मोदी सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है। ये कभी नहीं होगा।” वहीं, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भ्रष्टाचारियों की जमात में शामिल आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री पर आज जांच एजेंसी ने मेडिकल घोटाले के मामले में छापेमारी की है। हम यह बात पहले दिन से कहते आ रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार ने दिल्ली को लूटने का काम किया है। अस्पतालों के निर्माण, दवाइयों एवं उपकरणों की खरीद में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।” इसके अलावा भाजपा विधायक हरिश खुराना ने लिखा, “आप दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के यहां ईडी की रेड। हॉस्पिटल निर्माण के मामले को लेकर रेड है, लो जी भ्रष्टाचार का एक और मामला इस अरविंद केजरीवाल सरकार का।”

गौरतलब है कि साल 2018-19 में दिल्ली सरकार ने 24 अस्पतालों के निर्माण के लिए करीब 5590 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही 6 महीने में आईसीयू अस्पताल बनने थे, लेकिन 3 साल बाद भी इनका काम अधूरा रहा। इनमें से कई प्रोजेक्ट्स में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगते हैं।

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