SIR फॉर्म भरना हुआ आसान- स्टेप बाय स्टेप समझिए आवेदन का पूरा तरीका…

Ritu Raj
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चुनाव आयोग ने देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस अभियान का मकसद है कि मतदाता सूची को और अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना, ताकि आने वाले चुनावों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या डुप्लिकेट एंट्री न रहे। इस चरण में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी, जिसके बाद 9 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद नागरिक 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक अपने नाम, पते या अन्य जानकारियों में सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। तो आइए जानते हैंकि SIR फॉर्म भरने से लेकर दस्तावेज़ जमा करने तक का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस क्या है।

SIR का मकसद है कि मतदाता सूची में दर्ज हर नाम और जानकारी पूरी तरह सही और अद्यतन हो। इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर हर घर का तीन बार दौरा करेंगे ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और गलत या दोहराए गए नामों को हटाया जा सके। इस प्रक्रिया के दौरान बीएलओ मतदाताओं को एक Enumeration Form (गणना फॉर्म) देंगे। इस फॉर्म के शीर्ष भाग में बीएलओ का नाम, पद और संपर्क नंबर दिया होगा, ताकि नागरिक जरूरत पड़ने पर उनसे सीधे संपर्क कर सकें।

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फॉर्म में नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी दर्ज करनी होती है। इसमें शामिल हैं:
– पूरा नाम और जन्म तिथि
– आधार नंबर (अगर उपलब्ध हो)
– मोबाइल नंबर
– पिता का नाम
– EPIC No. (Electors Photo Identity Card Number)
– फॉर्म के निचले हिस्से में दो बेहद जरूरी कॉलम दिए गए हैं, जिन्हें ध्यान से भरना होता है।
– पुरानी वोटर लिस्ट से संबंधित कॉलम

यदि आपका नाम गुजरात के 2002 या उत्तर प्रदेश के 2003/2002 की वोटर लिस्ट में मौजूद रहा है, तो उस कॉलम में Electoral Name, EPIC Number, और अन्य विवरण दर्ज करने होंगे। अगर पुराने रिकॉर्ड में आपके माता-पिता या किसी रिश्तेदार का नाम है, तो उनकी जानकारी भी भरनी आवश्यक है, ताकि BLO वेरिफिकेशन के दौरान सही लिंक स्थापित कर सके। फॉर्म भरने के बाद नागरिक को नीचे अपने साइन (हस्ताक्षर) करने होते हैं। यह सत्यापन के लिए जरूरी है कि दी गई जानकारी सही और स्वेच्छा से दी गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पहचान और पात्रता साबित करने के लिए आप निम्नलिखित दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर सकते हैं:
– केंद्र या राज्य सरकार, स्थानीय निकाय या PSU (सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम) के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र या पेंशन ऑर्डर।
– 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में सरकार, बैंक, डाकघर, एलआईसी या किसी PSU द्वारा जारी कोई पहचान पत्र, प्रमाणपत्र या दस्तावेज।
– जन्म प्रमाणपत्र, जो किसी अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।
– पासपोर्ट- वैध और सरकार द्वारा जारी।
– किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट या किसी भी स्तर की डिग्री का प्रमाणपत्र।
– राज्य के सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र (Domicile Certificate)।
-वन अधिकार अधिनियम से संबंधित प्रमाणपत्र।
– सक्षम अधिकारी द्वारा जारी OBC, SC, ST या अन्य जाति प्रमाणपत्र।
– नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स में दर्ज कोई वैध विवरण या एंट्री।
– राज्य या स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर।
– सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन से संबंधित दस्तावेज़।
– 1 जुलाई 2025 के आधार पर तैयार बिहार SIR मतदाता सूची में दर्ज नाम।
– आधार कार्ड: केवल पहचान के प्रमाण के रूप में, नागरिकता प्रमाण के रूप में नहीं।

अगर किसी वजह से आपके इलाके का बूथ लेवल ऑफिसर आपके घर तक नहीं पहुंचता है या आपको Enumeration Form नहीं मिला है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप सीधे भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्र के BLO की जानकारी देख सकते हैं। वहां से आप ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर उनसे संपर्क कर सकते हैं या नजदीकी मतदान केंद्र (Polling Station) पर जाकर फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।

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