सिटी पोस्ट लाइव
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए द्वारा बिहार में बीते 20 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित फिल्म बनाने और उसे जनता के बीच दिखाने के फैसले पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कड़ा विरोध जताया है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में इस पहल को “जनता को गुमराह करने की सस्ती कोशिश” करार दिया।
तिवारी ने कहा, “अगर सरकार को फिल्म बनानी ही है तो पहले 20 साल का पूरा हिसाब किताब दे। किस क्षेत्र में कितना विकास हुआ, बेरोज़गारी, महंगाई और अपराध पर क्या नियंत्रण पाया गया, यह सब जनता के सामने स्पष्ट करे।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार जाने वाली है, इसलिए अब फिल्म दिखाकर जनता को बहकाने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच राजद ने 18 मई को महागठबंधन की अहम बैठक बुलाने की भी घोषणा की है, जिसमें सीटों के बंटवारे पर निर्णय लिया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर कोई भ्रम नहीं है – तेजस्वी ही चेहरा होंगे।
एनडीए की रणनीति और महागठबंधन की आगामी बैठक को लेकर सियासी माहौल गर्म होता दिख रहा है। दोनों पक्षों की ओर से तेज़ बयानबाज़ी जारी है और चुनावी तैयारियां तेज़ हो रही हैं।