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मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज राजधानी पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में उत्साह और उत्सव का माहौल रहा। भाजपा किसान मोर्चा के तत्वाधान में आयोजित भव्य ‘कार्यकर्ता मिलन समारोह सह दही-चूड़ा भोज’ ने न केवल सांस्कृतिक परंपरा का निर्वहन किया, बल्कि बिहार की राजनीति में भाजपा की संगठनात्मक शक्ति और सामाजिक समरसता का एक बड़ा संदेश भी दिया।
वरिष्ठ नेताओं का लगा जमावड़ा
कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की। इस अवसर पर प्रदेश के कोने-कोने से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने अपने नेताओं के साथ बैठकर पारंपरिक दही-चूड़ा और तिलकुट का आनंद लिया।
सांस्कृतिक परंपरा और संगठन की शक्ति
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व है, जो हमारे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ताओं की यह एकजुटता ही भाजपा की वास्तविक पूंजी है। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की लोक-संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि दही-चूड़ा का भोज हमारी जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए किसान मोर्चा की पीठ थपथपाई।
दान, धर्म और कर्तव्यपरायणता का संदेश
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मकर संक्रांति के आध्यात्मिक पहलू पर प्रकाश डालते हुए इसे दान, दया और कर्तव्य का पर्व बताया। उन्होंने भगवान भास्कर से प्रदेश की जनता के आरोग्य और समृद्धि की कामना की। इस दौरान कार्यालय परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजता रहा।
भोज में शामिल हुए प्रमुख चेहरे
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और संगठन महामंत्री भीखूभाई दालसनिया सहित कई सांसद, विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो भाजपा का यह आयोजन चुनाव से पहले अपने कैडर को सक्रिय करने और सामाजिक एकजुटता प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम बना है।