हेडमास्टर ने उड़ाई शिक्षा सुधार की धज्जियां, छात्रों को पढ़ाने की बजाय थमाया झाड़ू

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

बिहार के मोतीहारी जिले के अरेराज प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय सरेया महाराजगंज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों को किताबों के बजाय झाड़ू थामे स्कूल की सफाई करते देखा जा रहा है।

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शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) द्वारा स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देशों के बावजूद, इस वायरल वीडियो ने सरकारी प्रयासों की ज़मीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। वीडियो में देखा गया कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे सफाई का काम करवा रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे “शिक्षा का मज़ाक” करार दे रहे हैं।

वायरल वीडियो पर बवाल, ACS के आदेशों की उड़ रही धज्जियां : इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणियाँ की जा रही हैं। यूज़र्स का कहना है कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के आदेशों को स्वयं उनके अधीनस्थ शिक्षक ही पलीता लगा रहे हैं। कई यूज़र्स ने इसे “विद्यालय में गजब का खेल” बताया है और वीडियो को शिक्षा तंत्र की विफलता का प्रतीक कहा है।

शिक्षकों की संख्या अधिक, छात्रों की पढ़ाई अधूरी? : सोशल मीडिया पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि विद्यालय में छात्रों की अपेक्षा शिक्षकों की संख्या अधिक है, फिर भी शिक्षा की गुणवत्ता अत्यंत खराब है। साथ ही, स्कूल में नामांकन के समय तयशुदा फीस से अधिक राशि लेकर रसीद न देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

जांच की मांग तेज, कार्रवाई की उम्मीद : लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शिक्षा विभाग और प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कई यूज़र्स ने वरीय अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे विद्यालय की जांच कराने की मांग की है।

मुख्याध्यापक ने आरोपों को किया खारिज : विद्यालय के प्रधानाध्यापक बीरेंद्र मिश्र ने छात्रों से सफाई करवाने और फीस को लेकर किसी तरह की अनियमितता के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी भीड़ अधिक होने की स्थिति में दो-तीन दिनों बाद छात्रों को फीस की रसीद दी जाती है।

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