बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में इसका असर साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग ने 12 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इन इलाकों में बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हवा की रफ्तार भी काफी तेज रह सकती है, जो 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

6 और 7 अप्रैल को स्थिति थोड़ी और गंभीर हो सकती है, क्योंकि कुछ जिलों में ओलावृष्टि (हेलस्टॉर्म) की भी आशंका जताई गई है। इससे किसानों और आम लोगों दोनों को नुकसान हो सकता है, खासकर फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 7 अप्रैल के बाद तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। अनुमान है कि पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। इस पूरे मौसम बदलाव के पीछे दो मुख्य कारण हैं जो है पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी। पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा मौसमी तंत्र है, जो उत्तर भारत के मौसम को अस्थिर बना देता है और बादल, बारिश तथा तेज हवाओं का कारण बनता है। वहीं बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं वातावरण में नमी बढ़ा रही हैं। जब ये दोनों तत्व एक साथ सक्रिय होते हैं, तो बादलों का निर्माण तेजी से होता है और मौसम अचानक बदलने लगता है।

राजधानी पटना में 5 अप्रैल को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, साथ ही तेज हवा और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। 6 और 7 अप्रैल को भी मौसम लगभग ऐसा ही बना रहेगा, हालांकि इन दिनों आंधी की तीव्रता थोड़ी ज्यादा हो सकती है। कुल मिलाकर, यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का संकेत है, जिसमें मौसम तेजी से बदलता है। अच्छी बात यह है कि इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल सतर्क रहना बेहद जरूरी है।