सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के मोतिहारी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति जिसे 15 साल पहले मृत मान लिया गया था, वह ज़िंदा अपने घर लौट आया है। सुगौली प्रखंड के मेहवा गाँव निवासी नगीना सहनी 2009 में कोलकाता के बाबू घाट पर गंगा स्नान के दौरान अपने परिवार से बिछड़ गए थे। लंबे समय तक उनका कोई सुराग न मिलने पर, परिवार ने उन्हें मृत मानकर गाँव की परंपरा के अनुसार उनका श्राद्ध कर्म भी कर दिया था।
नगीना के परिवार ने उन्हें खोजने के लिए 10 साल तक हर संभव प्रयास किया। नगीना के बेटे ने बताया कि जब सारी कोशिशें नाकाम हो गईं, तो वे निराश होकर गाँव की रस्मों के अनुसार आटे का पुतला बनाकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। नगीना की पत्नी ने भी खुद को विधवा मान लिया था और उनके दो बेटे और तीन बेटियाँ इसी दुख के साथ जी रहे थे।
नगीना की जिंदगी में एक नया मोड़ तब आया जब राजस्थान के सिरोही जिले के स्वरूपगंज के एक समाजसेवी जिगर रावल ने उन्हें सड़क पर भटकते हुए पाया। जिगर ने उन्हें मानव सेवा आश्रम में रहने की जगह दी। शुरुआत में नगीना अपनी सही पहचान नहीं बता पाए, लेकिन बाद में उन्होंने अपने गाँव का पता बताया।
जिगर रावल की मदद से नगीना का उनके परिवार से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क हुआ। परिवार उस समय नगीना के चौथे श्राद्ध की तैयारी कर रहा था। जब परिजनों को पता चला कि नगीना जीवित हैं, तो उनकी आँखों में खुशी के आँसू आ गए। जिस व्यक्ति को वे मृत मान चुके थे, उसे अपने सामने वीडियो कॉल पर देखकर वे भावुक हो उठे। यह पल उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।
नगीना ने बताया कि कोलकाता में परिवार के लौट जाने के बाद उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। उन्हें लगता था कि उनके परिवार ने उन्हें छोड़ दिया है। वे सड़क पर भटकते रहते थे और जो कुछ मिलता, उसे गले में डाल लेते थे, और कहते थे कि उन्हें “1 लाख साल पहले” घर से निकाल दिया गया था। लोग उन्हें मानसिक रूप से बीमार समझते थे, जबकि अंदर ही अंदर वे इस सदमे से जूझ रहे थे।
जिगर रावल ने नगीना के परिवार को ढूंढकर सूचित किया, जिसके बाद परिजन तुरंत सिरोही के मानव सेवा आश्रम पहुँचे और नगीना को अपने साथ वापस ले आए। इस मिलन ने 15 साल के दुख को एक ही पल में खुशी में बदल दिया। जिगर रावल का मिशन अकेले शुरू हुआ था, और पिछले पाँच महीनों में वे 10 बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिला चुके हैं। उनका मानना है, “आओ किसी और के लिए जीते हैं।” नगीना के घर वापस लौटने की खबर सुनकर पूरा मेहवा गाँव उन्हें देखने उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने इसे भगवान का चमत्कार माना। पूरे गाँव में खुशी का माहौल बन गया, और यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।