सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। दूसरे चरण के मतदान (11 नवंबर) को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा को शनिवार (8 नवंबर) से 11 नवंबर की शाम 6 बजे तक के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया है। सीमा सील होने के कारण 72 घंटों के लिए आवागमन पर रोक लगा दी गई है, जिससे दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन चौकियों पर आवागमन पूरी तरह बंद
जिले से लगने वाली इंडो-नेपाल बॉर्डर की प्रमुख चौकियों जैसे भिट्ठामोड़, नवाही, सुरसंड, कन्हमा, बैरगनिया, मेजरगंज और सोनबरसा पर आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। सीमावर्ती चौकियों पर एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल), बिहार पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम लगातार गश्त कर रही है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या अवैध आवाजाही को रोका जा सके।
भिट्ठामोड़ एसएसबी कंपनी इंचार्ज सुमित कुमार और भिट्ठा थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए उठाया गया है। स्थानीय नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की गई है।
फंसे हुए लोगों और व्यवसाय पर असर
सीमा सील होने की खबर सुबह से ही फैलने के कारण दोनों देशों के बॉर्डर पर काफी भीड़ जमा हो गई थी। कई भारतीय नेपाल में फंसे हुए हैं, तो कई नेपाली नागरिक भारतीय क्षेत्र में रुक गए हैं। इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस को ही आने-जाने की अनुमति है, वह भी यह सुनिश्चित करने के बाद कि उसमें वास्तव में कोई मरीज है। ऐसे भारतीय नागरिक जो नेपाल में फंसे हैं और मतदान के लिए भारत लौटना चाहते हैं, उन्हें 11 नवंबर को आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाने पर ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
सोनबरसा, कन्हौली, इंदरवा, सहोरवा और लालबंदी जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में इस सील का सीधा असर व्यवसाय पर पड़ा है। ये बाजार पूरी तरह से नेपाल के ग्राहकों पर निर्भर रहते हैं। साप्ताहिक हाट बाजार वाले दिन भी बाजार में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कुछ लोगों ने परेशानी के कारण खेत-खलिहान के रास्ते आने-जाने की कोशिश की। सोनबरसा के पास 75 वर्षीय शांति देवी, जिनकी तबीयत खराब थी, उन्हें एसएसबी जवानों ने मानवीय आधार पर प्रवेश की अनुमति दी, लेकिन बाकी सभी के लिए सीमा पर कड़ा पहरा है।