रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख: PM मोदी ने ज़ेलेंस्की से कहा, ‘शांति के लिए प्रतिबद्ध’

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। इस बातचीत में पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का स्थिर और शांतिपूर्ण समाधान का पक्ष रखा। मोदी ने कहा कि भारत इस दिशा में हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है और साथ ही यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूत करना चाहता है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव बढ़ गया है।

ज़ेलेंस्की ने इस बातचीत के दौरान रूस पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया, खासकर उसके ऊर्जा निर्यात, विशेष रूप से तेल पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से रूस की युद्ध को वित्तपोषित करने की क्षमता कम हो जाएगी। यह ज़ेलेंस्की का बयान भारत के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है, जिससे अमेरिका नाराज है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ के बाद कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है। ट्रंप ने इस कदम को भारत द्वारा रूसी तेल खरीदकर रूस की “युद्ध मशीन को ईंधन” देने का परिणाम बताया। हालांकि, पीएम मोदी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अपने किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “हमारे लिए, हमारे किसानों का हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत कभी भी किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा। मुझे पता है कि इसके लिए हमें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और मैं इसके लिए तैयार हूं। भारत इसके लिए तैयार है।”

इस बयान से यह साफ हो गया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है, भले ही इसके लिए उसे अंतर्राष्ट्रीय दबाव और आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़े। भारत का रुख शांति की वकालत करने और अपने हितों की रक्षा करने के बीच एक संतुलन बनाने का प्रयास है।

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