महागठबंधन में मुख्यमंत्री पद और सीट बंटवारे को लेकर जारी रस्साकशी के बीच सियासत ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरुवार को पटना पहुंचे, जहां उन्होंने राबड़ी आवास पर लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। बैठक में तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि गहलोत ने गठबंधन की अंदरूनी खींचतान को सुलझाने की कोशिश की है और आज कुछ बड़ा ऐलान भी संभव है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि आज यानी गुरुवार को महागठबंधन की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसको लेकर पटना के मौर्या होटल में पोस्टर भी लगाए गए हैं। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री पद के चेहरे का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन के घटक दलों में तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सहमति बन चुकी है और आज सभी दल उनके नाम पर मुहर लगाने वाले हैं। वहीं, इधर, राजद को अपने एक उम्मीदवार के खिलाफ विरोध झेलना पड़ा है। मसौढ़ी विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी और मौजूदा विधायक रेखा देवी को बुधवार देर रात जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक से उनके पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल का हिसाब मांगा और इलाके में विकास कार्यों की कमी को लेकर नाराजगी जताई। लोगों ने सवाल उठाया कि जब गांव में कोई ठोस काम नहीं हुआ तो अब वोट देने का क्या मतलब है। स्थिति तनावपूर्ण होते देख विधायक को वहां से वापस लौटना पड़ा।
बुधवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर “जीविका दीदी” को स्थायी किया जाएगा और उनकी सैलरी 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये की जाएगी। साथ ही, राज्य में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों को नियमित करने का भी भरोसा दिया। साथ ही अपनी योजनाओं में कहा कि सरकार बनने पर “MAA योजना” (M–मकान, A–अन्न, A–आमदनी) और “BETI योजना” (B–बेनिफिट, E–एजुकेशन, T–ट्रेनिंग, I–इनकम) लागू की जाएगी। इसके साथ ही दावा किया कि उनकी सरकार गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आएगी। अब सबकी नजरें महागठबंधन की आज होने वाली जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां उनके नेतृत्व पर औपचारिक मुहर लगने की संभावना है।