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भोजपुरी पावर स्टार और भाजपा नेता पवन सिंह (Pawan Singh) और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद एक बेहद भावुक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को आरा परिवार न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह ने अपना रुख साफ कर दिया कि वह अपने पति से अलग नहीं होना चाहतीं। अदालत में ज्योति सिंह की ओर से की गई इस अपील ने न केवल कानूनी गलियारों में, बल्कि सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है।
कोर्ट के आदेश के बावजूद नदारद रहे पवन सिंह
आरा परिवार न्यायालय ने मामले की गंभीरता और सुलह की संभावनाओं को देखते हुए पति-पत्नी दोनों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया था। न्यायालय का उद्देश्य था कि दोनों को आमने-सामने बैठाकर उनके बीच की कड़वाहट कम की जा सके। हालांकि, तय तारीख पर ज्योति सिंह तो कोर्ट पहुंचीं, लेकिन सुपरस्टार पवन सिंह नदारद रहे। पवन सिंह के न पहुंचने से अदालत में मौजूद उनके वकील को जवाब देना भारी पड़ा, जबकि ज्योति सिंह ने समय पर पहुंचकर कानून का सम्मान किया।
‘रिश्ता बचाना चाहती हूं’ – ज्योति की भावुक अपील
अदालत परिसर में पत्रकारों और न्यायाधीश के समक्ष ज्योति सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं तलाक नहीं चाहती। मैं आज भी अपने पति पवन सिंह के साथ रहना चाहती हूं और इस रिश्ते को बचाने की हर मुमकिन कोशिश करना चाहती हूं।” ज्योति के इस बयान के बाद कोर्ट में सन्नाटा पसर गया। उनके वकील के अनुसार, ज्योति सिंह शुरू से ही सुलह के पक्ष में रही हैं और वे चाहती हैं कि पवन सिंह अपने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर उन्हें फिर से अपनाएं।
लंबे समय से चल रही है ‘नूरा-कुश्ती’
पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच विवाद कोई नया नहीं है। पिछले काफी समय से दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। ज्योति सिंह ने पहले पवन सिंह और उनके परिवार पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला अदालत की चौखट तक पहुंचा। पवन सिंह ने तलाक की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन अब ज्योति के इस यू-टर्न (U-Turn) ने कानूनी प्रक्रिया को पेचीदा बना दिया है।
अगली सुनवाई में बढ़ सकती है पवन सिंह की मुश्किलें
अदालत के आदेश के बाद भी पेश न होने पर न्यायाधीश ने नाराजगी जताई है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में कोर्ट पवन सिंह से उनकी अनुपस्थिति पर कड़ा स्पष्टीकरण मांग सकता है। यदि पवन सिंह अगली बार भी हाजिर नहीं होते हैं, तो अदालत ज्योति सिंह के पक्ष को आधार बनाकर कोई सख्त फैसला ले सकती है।