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भोजपुरी सिने जगत के सुपर स्टार और गायक खेसारी लाल यादव (शत्रुघ्न यादव) ने बिहार विधानसभा चुनाव में छपरा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के उम्मीदवार के रूप में अपनी धमाकेदार एंट्री से राजनीतिक हलचल मचा दी है। छपरा शहर के प्रभुनाथ नगर के क़दम चौक पर उमड़ी भारी भीड़ और उनके गानों की गूंज इस बात की तस्दीक कर रही है कि खेसारी की लोकप्रियता अपने चरम पर है। उन्हें देखने के लिए युवा, बच्चे और महिलाएं सड़कों पर उतर आए हैं, जहां कई जगहों पर भगदड़ की आशंका के चलते उन्हें अपनी सभाएं बीच में ही रोकनी पड़ रही हैं।
छपरा का सियासी समीकरण: बीजेपी का अभेद्य गढ़
खेसारी लाल यादव जिस छपरा विधानसभा सीट से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं, वह सारण लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एक मज़बूत गढ़ माना जाता है। पिछले तीन विधानसभा चुनावों – 2010, 2015 और 2020 – में इस सीट पर बीजेपी ने लगातार जीत दर्ज की है। पिछली दो बार (2015 और 2020) में बीजेपी के सी. एन. गुप्ता यहां से विधायक रहे हैं।
इस बार का मुकाबला दो नए चेहरों के बीच है, जिसने इस सीट को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
खेसारी का भावनात्मक दांव और पलायन का मुद्दा
आरजेडी ने इस सीट से पहले खेसारी की पत्नी चंदा देवी को उम्मीदवार बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतिम क्षणों में टिकट खेसारी लाल यादव को दे दिया गया। चुनावी रण में उतरे खेसारी लाल यादव सीधे जनता से भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात करते हुए खेसारी ने कहा, “मैं नेता नहीं, बेटा बनने आया हूं। मैं इमोशनल आदमी हूं और मुझे छपरा के लिए कुछ करना है क्योंकि मैं पलायन का दर्द समझता हूं। आज तक छपरा के लिए किसी ने कुछ नहीं किया, लेकिन मैं कुछ करना चाहता हूं और हमारे तेजस्वी भइया भी बिहार में बदलाव लाना चाहते हैं।” उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि भीड़ में मौजूद स्मिता देवी जैसी महिलाएं भी उन्हें ‘सामने से देखने’ और वोट देकर जिताने की बात कह रही हैं।
बीजेपी उम्मीदवार की ज़मीनी पकड़ और वैश्य वोट बैंक
वहीं, बीजेपी ने इस सीट से ज़िला परिषद की पूर्व अध्यक्ष छोटी कुमारी को उम्मीदवार बनाया है, जिनके पति धर्मेंद्र साह बीजेपी के ज़िला महामंत्री हैं। वैश्य समुदाय से आने वाली छोटी कुमारी इस क्षेत्र के परंपरागत बीजेपी वोट बैंक को मज़बूत करने की कोशिश में हैं। छपरा विधानसभा क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण दोनों इलाके शामिल हैं, और वैश्य मतदाताओं की संख्या यहां अच्छी-खासी है, जिसे परंपरागत रूप से बीजेपी का मज़बूत वोट बैंक माना जाता है।
छोटी कुमारी, जो स्वभाव से शांत और कम बोलने वाली हैं, ने अपनी एक चुनावी सभा में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में अपनी उम्मीदवारी पेश की। उन्होंने खेसारी लाल यादव के स्टारडम पर टिप्पणी करते हुए कहा, “खेसारी लाल एक्टर हैं, लेकिन हम लोग समर्पित कार्यकर्ता हैं। हमने छपरा के लिए काम किया है और अब उस काम को आगे बढ़ाएंगे। हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए बहुत कुछ किया है और फिर से एनडीए सरकार बनेगी तो महिलाओं के लिए और काम किया जाएगा।”
खेसारी के स्टारडम बनाम बीजेपी की संगठनात्मक ज़मीनी पकड़ और वैश्य वोट बैंक के इस सीधे मुकाबले ने छपरा सीट को बिहार विधानसभा चुनाव की सबसे दिलचस्प सीटों में से एक बना दिया है।