सिटी पोस्ट लाइव
जम्मू और कश्मीर में अमरपुर के शहीद हुये जवान का शव घर पहुँचते ही परिवार में चीख व पुकार से पूरा माहौल हुआ ग़मगीन. शहीद का अंतिम दर्शन को लेकर गांव वालों की उमड़ी भीड़। सेना के जवान व स्थानीय प्रशासन, द्वारा दी गई सालामी. शहीद अमर रहे, भारत माता की जय के नारे से गूँजता रहा परिसर।

जम्मू और कश्मीर के रामबन जिले में बीते 4 मई को एक हृदयविदारक घटना घटी, जहां एक सैन्य ट्रक करीब 700 मीटर गहरी खाई में गिर गया, जिसमें तीन सैनिक शहीद हो गए। मृतकों में से एक की पहचान सुजीत कुमार के रूप में हुई है, जो बेगूसराय जिले के चकिया थाना क्षेत्र के अमरपुर वार्ड 8 के रहने वाले थे। करीब 44 वर्षीय सुजीत कुमार पठानकोट में जॉइंट कमिश्नर ऑफिसर के पद पर तैनात थे। घटना के दो दिनों के बाद मंगलवार की शाम करीब 4 बजे शहीद सुजीत कुमार का शव अमरपुर गांव पहुंचा। उनका शव गांव पहुँचते ही परिवार में कोहराम मच गया और चारो तरफ चीख व पुकार शुरू हो गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए पुरे गांव के साथ साथ आस पास के गांव के लोग भी पहुंचे महिला पुरुष सभी की आँखे भर आई। जिससे पूरा माहौल ग़मगीन हो गया। ताबूत में बंद शहीद का पार्थिव शरीर सेना की गाडी से अमरपुर पहुंचा। जिसके बाद मध्य विद्यालय अमरपुर के प्रांगण में शहीद का पार्थिव शरीर रखा गया। जहाँ मौजूद बिहार सरकार के मंत्री श्रावण कुमार, तेघड़ा विधायक राम रत्न सिंह, नगर परिषद बीहट की मुख्य पार्षद बबीता देवी, जदयू ज़िला अध्यक्ष सह पूर्व एम एल सी रुदल राय, बेगूसराय डी डी सी, बरौनी बी डी ओ समेत अन्य लोगों ने शहीद सुजीत कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पूर्व शहीद की पत्नी, दोनों पुत्री, एक पुत्र, शहीद के बुज़ुर्ग पिता समेत परिवार एवं अन्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें सलामी दी। वहीं ज़िला प्रशासन की ओर से डी डी सी और पुलिस पदाधिकारी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित किया। वहीं सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ़ ऑनर एवं सलामी दी गई।

जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित किया। वहीं शहीद सुजीत कुमार के अंतिम दर्शन को लेकर उनके आवासीय परिसर में लोगों की भीड़ लगी रही जबकि विद्यालय परिसर में भी महिला पुरुष बुज़ुर्ग बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस बीच शहीद सुजीत कुमार अमर रहे, भारत माता की जय के नारों से पूरा विद्यालय परिसर गूँजता रहा. वहीं पीड़ित परिवार से मिलने के लिए बिहार सरकार के मंत्री श्रावण कुमार भी उनके घर पहुंचे और शहीद सुजीत कुमार की पत्नी, उनके बच्चों, बुज़ुर्ग माता, बुज़ुर्ग पिता से भेंट किया। परिवार के लोगों का रो रो कर बुरा हाल था। इस बीच जयनगर चौक पर भी स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा शहीद सुजीत कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. शहीद के शव को पुरे गांव का भ्रमण कराया गया। तत्पश्चात अंतिम संस्कार के लिए शहीद का शव सिमरिया गंगा घाट ले जाया गया। शहीद सुजीत कुमार के परिवार में पत्नी सिंधु देवी, तीन बच्चे – एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनकी एक बेटी संध्या कुमारी पटना में सेना में जाने के लिए एनडीए की तैयारी कर रही है। सुजीत कुमार के परिवार में तीन बहनें और चार भाई हैं, और वे दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने 2001 में आर्मी में सिपाही के पद पर नौकरी शुरू की थी। बता दें कि यह घटना अत्यंत दुखद है। शहीद सुजीत कुमार की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।