सिटी पोस्ट लाइव
बिहार सरकार में वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी (Vijay Choudhary) ने आज विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विशेष मतदाता पुनरीक्षण (Special Voter Revision) अभियान और लोकसभा में चल रहे हंगामे, दोनों को लेकर विपक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। चौधरी ने स्पष्ट कहा कि विपक्ष के हंगामे का कोई ठोस आधार नहीं है और यह एक “घृणित मकसद” से किया जा रहा है।
मतदाता पुनरीक्षण पर विपक्ष को घेरा:
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव सामने हैं और विपक्ष के पास कोई “मुद्दा नहीं मिल रहा” है, इसलिए इतना हंगामा हो रहा है। विजय चौधरी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “अभी स्थिति ये है कि बस जाकर कहीं बोलिए कि वोट विकास के नाम पर होगा तो विपक्ष के लोग समझ जाएंगे कि ये एनडीए (NDA) के पक्ष में प्रचार कर रहा है।”
मंत्री ने मतदाता सूची के आंकड़ों का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में 22 लाख लोग “मृत” पाए गए हैं, जबकि 25 लाख मतदाता अपने वास्तविक स्थान पर नहीं पाए गए। इसके अतिरिक्त, 9 लाख मतदाता “ट्रेसेबल (tracable)” नहीं हैं। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे खुद जांच करें कि क्या ये लोग वास्तव में मृत नहीं हैं, क्योंकि अगर ऐसा है तो “कुछ फर्जी” है। विजय चौधरी ने इस पूरे अभ्यास को अल्पसंख्यक समाज (minority community) की ओर मोड़ने के विपक्ष के प्रयासों को भी “घृणित मकसद” वाला बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार सरकार की पूरी कोशिश है कि कोई भी सही और वाजिब मतदाता सूची से बाहर न रहे।
चिराग पासवान के आरोपों का खंडन:
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) द्वारा बिहार में “अपराध बेलगाम” होने के आरोप पर विजय चौधरी ने कड़ा पलटवार किया। चिराग पासवान ने हाल ही में कहा था कि उन्हें अफसोस है कि वे ऐसी सरकार को समर्थन दे रहे हैं जहां अपराध बेलगाम है। इसके जवाब में विजय चौधरी ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़े हैं लेकिन अपराधियों को तुरंत पकड़ा भी जा रहा है। उन्होंने कहा, “घटना घटती है तो कार्रवाई होती है, हम भी चिंता करते हैं।” उन्होंने दोहराया कि “सुशासन की सरकार ही नीतीश जी की सरकार का असली पहचान है।” चौधरी के अनुसार, सुशासन का मतलब है “आपराधिक घटना कम से कम हो, जो बखूबी नीतीश सरकार कर रही है।”